भोपाल नगर निगम में इंजीनियरों की पदस्थापना को लेकर अजीब स्थिति सामने आई है। एक ओर 13 पदोन्नत सहायक यंत्री बिना काम बैठे हैं, जिनमें से छह को तीन महीने से कोई जिम्मेदारी नहीं मिली है। दूसरी ओर, निगम के कई जोन और महत्वपूर्ण शाखाएं इंजीनियरों की कमी से जूझ रही हैं, और 48 उपयंत्री सहायक यंत्री का प्रभार संभाल रहे हैं। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने बताया कि पदस्थापना प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
इंदौर निवासी इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय बेंगलुरु की पहाड़ी पर ट्रेकिंग के दौरान गुरुवार को भी लापता हैं। पुलिस को पहाड़ी से उनका मोबाइल और ड्रोन मिला है। तकनीकी जांच में सामने आया कि चार माह पहले सगाई के बावजूद उनकी चैट हिस्ट्री में कई युवतियों से संपर्क था। पुलिस आत्महत्या और खुद को लापता दिखाने की योजना दोनों एंगल से जांच कर रही है। लापता होने से पहले उन्होंने मंगेतर से सामान्य बात की थी। पुलिस ने खोजी श्वान, ड्रोन और उनके उपकरणों की जांच कर अभियान का दायरा बढ़ाया है।
पीडब्ल्यूडी में इंजीनियरों की पदोन्नति फाइलों में हेरफेर के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने अनुभाग अधिकारी दयानंद उपाध्याय को कार्यमुक्त कर उनकी सेवाएं सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दी हैं। यह मामला सहायक अभियंता से कार्यपालन अभियंता और अधीक्षण अभियंता से मुख्य अभियंता पदों की डीपीसी के लिए तैयार फोल्डरों में लंबित विभागीय जांच छिपाने और गोपनीय प्रतिवेदनों में काट-छांट करने से जुड़ा है। तत्कालीन मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा गड़बड़ी संज्ञान में आने के बाद डीपीसी रद्द कर दी गई थी, जिससे 23 अधीक्षण अभियंता से मुख्य अभियंता पदों पर पदोन्नति अटक गई है।
ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे को उनकी सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले गुरुवार को ₹6,000 की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा। उन्हें नगर निगम कार्यालय में ही ठेकेदार से भुगतान के बदले रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। निगम ने शुक्रवार को उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया। सेवानिवृत्ति पर उन्हें ₹60 लाख रुपये के बजाय केवल ₹25 लाख प्रोविडेंट फंड का चेक मिला, और उनकी अन्य राशि रोक ली गई है। न्यायालय में मामला चलने तक उन्हें पेंशन भी नहीं मिलेगी। वे निगम के सेवानिवृत्ति समारोह में भी उपस्थित नहीं हुए।
ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे को सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले लोकायुक्त ने 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। उन्हें ठेकेदार सचिन पचौरी की 36 लाख रुपये की भुगतान फाइल पास करने के एवज में एक प्रतिशत कमीशन मांगने पर पकड़ा गया। कटारे ने बुधवार को 30 हजार रुपये पहले ही ले लिए थे। मासिक वेतन लगभग 1.5 लाख रुपये और सेवानिवृत्ति पर 60 लाख रुपये मिलने थे। लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा ने भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों पर टिप्पणी की।