इंदौर में सुपर कॉरिडोर पर पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे एक 19 वर्षीय युवक अयाज हुसैन को क्राइम ब्रांच ने 103.55 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। ड्रग्स की कीमत लगभग 10.30 लाख रुपये है। पुलिस ने उसकी बिना नंबर की होंडा हारनेट मोटरसाइकिल भी जब्त की। पूछताछ के आधार पर 20 वर्षीय शाहनवाज को भी पकड़ा गया है। अयाज के खिलाफ पूर्व में भी मामले दर्ज हैं। पुलिस अब ड्रग्स के स्रोत और सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
इंदौर पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व पार्षद अनवर कादरी को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले ले जाकर विवादित शस्त्र लाइसेंस प्रकरण की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। कादरी पर सितंबर 2023 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, क्योंकि उसने 2007 में फर्जी दस्तावेजों से कठुआ से 12 बोर बंदूक और 2012 में रिवॉल्वर का लाइसेंस बनवाया था। जम्मू-कश्मीर प्रशासन के पास इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। पुलिस लाइसेंस स्वीकृति प्रक्रियाओं और बिचौलियों की संलिप्तता की जांच कर रही है। कादरी पर 24 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें लव जिहाद के आरोप भी शामिल हैं।
इंदौर के 31 वर्षीय वित्तीय पेशेवर अद्वैत उपाध्याय चार दिन पहले बेंगलुरु के पास शिवगंगे में अकेले ट्रेकिंग करते समय लापता हो गए। मध्य प्रदेश पुलिस ने कर्नाटक के अधिकारियों को उन्हें खोजने में मदद की पेशकश की है। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राजेश डंडोतिया ने बताया कि इंदौर पुलिस ने कर्नाटक के जांचकर्ताओं से संपर्क किया है और जांच में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। उपाध्याय के लापता होने की सूचना 7 अगस्त को मिली थी। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें पहाड़ी पर चढ़ते देखा गया था, और उन्होंने एआई से खुदकुशी से जुड़े सवाल भी पूछे थे।
कुख्यात बदमाश अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत ने जम्मू कश्मीर में ठेकेदार बनकर शस्त्र लाइसेंस बनवाने की बात स्वीकारी है। उसने दावा किया था कि उसे आतंकियों से जान का खतरा है। सदर बाजार पुलिस ने उसे सात दिन के रिमांड पर लिया है और एजेंटों व मददगारों के संबंध में पूछताछ कर रही है। अनवर के खिलाफ 27 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसका पहला अपराध 1997 में दर्ज हुआ था। उसने 2008 में रामबन से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस बनवाया था। पिछले साल ‘लव जिहाद’ फंडिंग मामले में उसकी गिरफ्तारी के बाद यह राज खुला।
इंदौर के स्कीम नंबर 54 क्षेत्र के एक होटल में खंडवा की 26 वर्षीय ताहिरा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। वह माइग्रेन के इलाज के लिए इंदौर आई थी और होटल व्यू में ठहरी थी। दरवाजा न खुलने पर होटल कर्मचारियों ने कमरा खोला, जहां उसका शव बिस्तर पर मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका के परिजनों को भी आत्महत्या का कारण ज्ञात नहीं है, हालांकि उनका कहना है कि वह बीमारी के कारण परेशान रहती थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंदौर में द्वारकापुरी थाने के सिपाही तन्मय तोमर ने गुरुवार को फूटी कोठी स्थित शराब दुकान पर हंगामा किया। उसने सेल्समैन से मुफ्त शराब की बोतल मांगी, इनकार करने पर गाली-गलौज और अभद्रता की। आरोप है कि तन्मय ने कर्मचारी को थप्पड़ मारा और कमर में टंगी पिस्टल दिखाकर गोली मारने की धमकी दी। उसके साथ हिस्ट्रीशीटर महेश टोपी भी था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अधिकारियों ने तन्मय को निलंबित कर दिया है। डीसीपी जोन-4 सुनील मेहता के अनुसार, सिपाही शराब के नशे में था। मामले की जांच अन्नपूर्णा एसीपी शिवेंदु जोशी को सौंपी गई है।
इंदौर पुलिस ने ई-रिक्शा में यात्रियों के सूटकेस से आभूषण चोरी करने वाली एक गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिजनोर से जुड़े चार आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिन्होंने पूछताछ में वारदात कबूल की है। सेवानिवृत्त शिक्षक पवनसिंह और उनकी बेटी खुशबू के साथ यह घटना 19 जुलाई को इंदौर पहुंचने पर हुई थी, जब उनके सूटकेस से लगभग 17 तोला सोना, सवा किलो चांदी और पांच हजार रुपये नकद चुरा लिए गए थे। आरोपियों ने बताया है कि चोरी के आभूषण बिजनोर भेजे गए हैं, जिनकी बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
पलक काशिव हत्याकांड के आरोपी मयंक शाक्य को गुरुवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी को रिंग रोड ले जाकर जले हुए कपड़े और पेट्रोल का डिब्बा जब्त किया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने शादी से इनकार करने पर 26 वर्षीय पलक की मुंह दबाकर हत्या कर दी थी और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। उसने मोबाइल भी स्विच ऑफ कर घर में छुपाया था। मयंक और पलक की दोस्ती सिंगिंग एप ‘स्टार मेकर्स’ पर हुई थी। पलक बैंक में नौकरी करती थी।
प्रदेश में अवैध हूटर लगाकर वीआईपी रुतबा दिखाने के खिलाफ यातायात पुलिस ने बीते ढाई साल में 1 हजार से अधिक चालान काटे हैं। इंदौर में सर्वाधिक 255 से अधिक और भोपाल में 141 चालान दर्ज हुए। मुरैना में 100 से अधिक और भिंड में 92 चालान कटे, जबकि टीकमगढ़ में कोई मामला नहीं आया। 1 लाख रुपये से अधिक की चालान राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं हो पाई है, जिसमें देवास और इंदौर के आंकड़े शामिल हैं। हूटर का उपयोग केवल अधिकृत आपातकालीन वाहनों को ही अनुमत है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले संगठित नेटवर्क के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी गिरोह को फर्जी बैंक खाते और उनकी बैंकिंग किट उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम जमा करने और बांटने में होता था। पुलिस ने 15 मोबाइल फोन, पासबुक, सिम कार्ड और एक स्कार्पियो वाहन जब्त किया है। इस मामले में पहले भी दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। जांच में पता चला है कि इन खातों का उपयोग देश के कई राज्यों में फ्रॉड के लिए किया गया था और करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन हुए हैं।