सोमवार रात इटारसी के मेहरागांव से सटे नाला मोहल्ला और भगत सिंह नगर में एक पागल सियार घुस आया, जिसने करीब एक दर्जन लोगों को घायल कर दिया। हमले में 55 वर्षीय कौशल्या बाई प्रजापति के चेहरे और जबड़े पर गंभीर चोटें आईं, उन्हें 10 टांके लगाए गए। अन्य घायलों में शकील अहमद, महेंद्र साहू, अभय प्रजापति, संजय प्रजापति, सिमरन मौर्य और एक 10 वर्षीय बच्चा शामिल हैं। सभी घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां रेबीज के इंजेक्शन भी लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बाद में सियार को लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। वन विभाग ने घायलों को नियमानुसार सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया है।
इटारसी के केसला स्थित पिपरिया कला गांव में खेत की बटाई और एक हजार रुपये के लेनदेन को लेकर हुए पारिवारिक विवाद में देवरानी ने अपनी जेठानी रवीना कासदे का कान दांतों से काट लिया। इस हमले में कान का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद रवीना को गंभीर हालत में शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सर्जन अनिकेत सिंह के अनुसार, कान के पुनर्निर्माण के लिए रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की तैयारी की जा रही है। रवीना ने केसला थाने में शिकायत दर्ज कराई है, और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इटारसी के नाला मोहल्ला और भगत सिंह नगर में सोमवार रात एक सियार ने रिहायशी इलाके में घुसकर हमला कर दिया। इस हमले में 55 वर्षीय कौशल्या बाई प्रजापति गंभीर रूप से घायल हुईं, उनके चेहरे पर 10 टांके आए। इनके अलावा करीब एक दर्जन अन्य लोग भी घायल हुए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार और रेबीज के इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। आशंका है कि सियार पहले से संक्रमित था। वन विभाग के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने सियार को घेरकर लाठियों से मार डाला।
इटारसी के केसला स्थित झुनकर ग्राम पंचायत के बंगलापुरा क्षेत्र में बाघ की लगातार गतिविधियों से ग्रामीण दहशत में हैं। कई मवेशी बाघ का शिकार बन चुके हैं, जिससे किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं। शनिवार को ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने वन परिक्षेत्र अधिकारी बोरी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई, गश्त बढ़ाने, सुरक्षा इंतजाम करने और आवश्यकता पड़ने पर बाघ को सुरक्षित वन क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग की। पूर्व में भी आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।