भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कथित तौर पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना बायो अपडेट किया है, जिससे सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, पूनावाला ने निजी कारणों का हवाला देते हुए शीर्ष नेतृत्व को इस्तीफा सौंपा है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पूनावाला ने अपने बायो में भाजपा का जिक्र हटाकर खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘जीवनभर का समर्थक’ बताया है।
भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि छात्र आंदोलन के पहले ही दिन प्रधान ने अपना त्यागपत्र पार्टी को सौंपा था, जिसे भाजपा ने पहले अस्वीकार कर दिया था, लेकिन बाद में बदलती परिस्थितियों के कारण स्वीकार कर लिया। विजयवर्गीय ने इसे अनुशासित कार्यकर्ता की पहचान बताया और दावा किया कि प्रधान का त्यागपत्र उन ताकतों की साजिश को विफल करने वाला कदम था, जो छात्र आंदोलन के जरिए देश में अस्थिरता फैलाना चाहती थीं। उन्होंने कांग्रेस पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का भी आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका ने 24 जुलाई की वार्ता में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को पहली और सबसे अहम शर्त बताया। उन्होंने कहा कि इसके बिना बातचीत बेमानी है और अपनी मांग से वे रत्ती भर भी नहीं भटके। सरकार को इस वार्ता से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद थी, क्योंकि 20 जुलाई की पहली मुलाकात के बाद उसने कार्रवाई की थी। प्रतिनिधियों ने आंतरिक सुरक्षा पर सकारात्मक रुख दिखाया और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग केवल शिक्षा मंत्री का पद से हटना है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर जेन Z की प्रशंसा की, यह स्वीकार करते हुए कि उन्होंने पहले उन्हें हल्के में लिया था। उन्होंने कान पकड़कर दंड-बैठक की और जेन Z जैसा बनने की इच्छा व्यक्त की। सोनाक्षी ने कई अन्य पोस्ट भी किए और छात्रों के लिए न्याय की मांग की थी। अभिनेत्री पारुल गुलाटी ने भी प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाया। CJP नेता अभिजीत दिपके ने CJI सूर्यकांत को धन्यवाद दिया, और आलिया भट्ट समेत कई सेलेब्स ने भी प्रतिक्रिया दी।
वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में दो घंटे का मौन आंदोलन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई और मामले में हस्तक्षेप की अपील की। अन्ना हजारे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इससे सरकार कमजोर नहीं होगी, बल्कि जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से बल प्रयोग के बजाय छात्रों से सीधे बातचीत कर समाधान निकालने का भी आग्रह किया।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विवेक शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने गुरुवार, 23 जुलाई को उनके त्याग पत्र को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। राजभवन के आदेशानुसार, प्रो. शर्मा ने 22 जुलाई 2026 को अपना त्याग पत्र प्रस्तुत किया था। विश्वविद्यालय में नए कुलगुरु की नियुक्ति होने तक, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, अनुपम राजन को कुलगुरु का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह अंतरिम व्यवस्था विश्वविद्यालय के कामकाज की निरंतरता के लिए की गई है।