मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 38 किस्तें जारी हो चुकी हैं, जिसमें जुलाई 2026 में 1,500 रुपये की 38वीं किस्त दी गई थी। अब सवा करोड़ से अधिक महिलाएं 39वीं किस्त का इंतजार कर रही हैं। पिछले भुगतान पैटर्न के अनुसार, अगस्त 2026 की 39वीं किस्त 10 अगस्त के आसपास जारी होने की संभावना है, हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लाभार्थियों के लिए बैंक खातों का आधार से लिंक होना, डीबीटी सक्रिय होना और समग्र ई-केवाईसी पूरा होना अनिवार्य है, अन्यथा भुगतान रुक सकता है। लाभार्थी आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी किस्त का स्टेटस जांच सकते हैं।
ग्वालियर में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। 10 अगस्त तक ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर रियायती दर पर नहीं मिलेगा और उन्हें कमर्शियल दरों पर भुगतान करना होगा, जिससे 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत लगभग 2400 रुपये तक पहुंच सकती है। शहर के कुल 5.73 लाख उपभोक्ताओं में से लगभग 85 हजार ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। गैस एजेंसियां वर्तमान में सशर्त आपूर्ति कर रही हैं और उपभोक्ताओं को 10 अगस्त से पहले ई-केवाईसी पूरी करने की चेतावनी दे रही हैं। ई-केवाईसी गैस एजेंसी जाकर या संबंधित कंपनियों के मोबाइल ऐप के माध्यम से की जा सकती है।
राजधानी भोपाल में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी एक नई समस्या बन गई है। लगभग 1.35 लाख उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी डिलीवरी नहीं मिल पा रही है। गैस एजेंसी संचालकों का दावा है कि उन्हें कंपनियों से मौखिक निर्देश मिले हैं कि ई-केवाईसी पूरी न होने पर आपूर्ति रोकी जाए। हालांकि, गैस कंपनियां डिलीवरी रोकने के किसी भी आदेश से इनकार कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं और एजेंसियों के बीच विवाद गहरा गया है। ई-केवाईसी का उद्देश्य पहचान सत्यापन और फर्जी कनेक्शन रोकना है।