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ग्रामीण आबादी की परिसंपत्तियों की निश्शुल्क रजिस्ट्री के लिए स्वामित्व योजना शुरू, ₹3,800 करोड़ का शुल्क माफ

प्रदेश में ग्रामीण आबादी की परिसंपत्तियों की निश्शुल्क रजिस्ट्री के लिए गुरुवार से स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना शुरू हो गई है। इस योजना के तहत लगभग 3,800 करोड़ रुपये का रजिस्ट्री शुल्क माफ किया गया है, जिससे 50 लाख से अधिक परिसंपत्तियों को लाभ मिलेगा। पंचायत स्तर पर एक माह में तीन विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनकी निगरानी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा की जाएगी। पटवारियों की आशंकाओं पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्वासन दिया है कि विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी सरकार की होगी।

ग्वालियर में 70 हजार घरेलू गैस कनेक्शन होल्ड पर, ई-केवाईसी अनिवार्य न करने पर बुकिंग बंद

ग्वालियर में 70 हजार घरेलू गैस उपभोक्ताओं के कनेक्शन ई-केवाईसी न कराने के कारण होल्ड पर हैं। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 30 सितंबर तक ई-केवाईसी न करा सकने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन 1 सितंबर से होल्ड हो गए हैं, जिससे वे अब 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पाएंगे। इनमें इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन के 52 हजार उपभोक्ता शामिल हैं। तत्काल आवश्यकता के लिए 1700 रुपये में 10 किलो का गैर-घरेलू सिलेंडर उपलब्ध है। 1 अक्टूबर से ई-केवाईसी 14.2 किलो सिलेंडर के लिए अनिवार्य कर दी गई है, जिसका उद्देश्य सब्सिडी का लाभ सही परिवारों तक पहुंचाना और कालाबाजारी रोकना है।

लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त अगस्त 2026 में 10 तारीख के आसपास संभावित

मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 38 किस्तें जारी हो चुकी हैं, जिसमें जुलाई 2026 में 1,500 रुपये की 38वीं किस्त दी गई थी। अब सवा करोड़ से अधिक महिलाएं 39वीं किस्त का इंतजार कर रही हैं। पिछले भुगतान पैटर्न के अनुसार, अगस्त 2026 की 39वीं किस्त 10 अगस्त के आसपास जारी होने की संभावना है, हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लाभार्थियों के लिए बैंक खातों का आधार से लिंक होना, डीबीटी सक्रिय होना और समग्र ई-केवाईसी पूरा होना अनिवार्य है, अन्यथा भुगतान रुक सकता है। लाभार्थी आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी किस्त का स्टेटस जांच सकते हैं।

10 अगस्त तक ई-केवाईसी न कराने पर घरेलू एलपीजी सिलेंडर कमर्शियल दरों पर मिलेंगे

ग्वालियर में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। 10 अगस्त तक ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर रियायती दर पर नहीं मिलेगा और उन्हें कमर्शियल दरों पर भुगतान करना होगा, जिससे 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत लगभग 2400 रुपये तक पहुंच सकती है। शहर के कुल 5.73 लाख उपभोक्ताओं में से लगभग 85 हजार ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। गैस एजेंसियां वर्तमान में सशर्त आपूर्ति कर रही हैं और उपभोक्ताओं को 10 अगस्त से पहले ई-केवाईसी पूरी करने की चेतावनी दे रही हैं। ई-केवाईसी गैस एजेंसी जाकर या संबंधित कंपनियों के मोबाइल ऐप के माध्यम से की जा सकती है।

भोपाल में ई-केवाईसी के कारण 1.35 लाख उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहे गैस सिलेंडर

राजधानी भोपाल में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी एक नई समस्या बन गई है। लगभग 1.35 लाख उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी डिलीवरी नहीं मिल पा रही है। गैस एजेंसी संचालकों का दावा है कि उन्हें कंपनियों से मौखिक निर्देश मिले हैं कि ई-केवाईसी पूरी न होने पर आपूर्ति रोकी जाए। हालांकि, गैस कंपनियां डिलीवरी रोकने के किसी भी आदेश से इनकार कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं और एजेंसियों के बीच विवाद गहरा गया है। ई-केवाईसी का उद्देश्य पहचान सत्यापन और फर्जी कनेक्शन रोकना है।