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सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं की कमी पर एबीवीपी कार्यकर्ता इंदौर कलेक्ट्रेट में जबरन घुसे

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं की कथित कमी के विरोध में इंदौर कलेक्ट्रेट में जबरन प्रवेश किया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर नाराज कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटा दिए। पांढरीनाथ पुलिस स्टेशन के प्रभारी सतीश पटेल ने बताया कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। एबीवीपी की इंदौर महानगर इकाई के सचिव देवेश गुर्जर ने कहा कि उन्होंने प्रशासन को सूचित किया था और ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन अनुचित व्यवहार के कारण कार्यकर्ता नाराज हो गए।

उच्च शिक्षा विभाग ने 16 कर्मचारियों को रजिस्ट्रार के पद पर पदोन्नत किया

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने 16 महाविद्यालयों में कार्यरत तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को द्वितीय श्रेणी के रजिस्ट्रार (पंजीयक) के पद पर पदोन्नत किया है। विभाग ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किया, जिसके बाद वर्षों से प्रतीक्षारत इन कर्मचारियों को पदोन्नति मिली। इन रजिस्ट्रारों को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, गुना, टीकमगढ़ सहित विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों और संस्थानों में आगामी आदेश तक पदस्थ किया गया है। यह पदस्थापना सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय, जबलपुर में लंबित याचिकाओं के अंतिम आदेशों के अधीन रहेगी।

अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में छात्र संख्या पर चिंता, एमए हिंदी में केवल एक विद्यार्थी

भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में छात्र संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। एमए हिंदी में केवल एक विद्यार्थी है, जबकि सात पाठ्यक्रमों में दाखिला शून्य है। 3.50 करोड़ रुपये के वार्षिक अनुदान और नए परिसर के बावजूद, वर्तमान सत्र में 4280 सीटों पर सिर्फ 234 प्रवेश हुए हैं। कुलगुरु डॉ. डीए हिंडोलिया ने कम छात्र संख्या का कारण परिसर तक बस सुविधा की कमी बताया और समाधान के लिए जल्द प्रयास करने की बात कही।

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में नेट अनिवार्यता से पीएचडी की 75% सीटें खाली

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में पीएचडी प्रवेश के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) की अनिवार्यता के कारण सीटों पर भारी असर पड़ा है। जून में हुई नॉन डीईटी पीएचडी एडमिशन प्रक्रिया में 601 में से 451 सीटें खाली रह गईं, जो लगभग 75% है। केवल 150 सीटों पर ही प्रवेश हो पाया। यूनिवर्सिटी ने ढाई साल पहले 30 विषयों में नेट पात्रता नियम लागू किया था, जिससे स्कॉलर्स की संख्या में कमी आई है। नवंबर-दिसंबर में अगली प्रवेश प्रक्रिया होगी। कुछ विषयों में गाइडों के पास कोई स्कॉलर नहीं है, जबकि पॉलिटिकल साइंस जैसे विषयों में जबरदस्त मांग है।

अतिथि विद्वानों का आंदोलन 3 अक्टूबर तक स्थगित, फॉलन आउट न रुकने पर ‘विद्वान जनता पार्टी’ बनाकर चुनाव लड़ने की चेतावनी

भोपाल में अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण और नौकरी में स्थायित्व की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 3 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को समस्या समाधान के लिए समय दिया है। यदि 3 अक्टूबर तक ‘फॉलन आउट’ प्रक्रिया रोकने और नीति बनाने पर ठोस फैसला नहीं हुआ, तो 4 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू होगा। अतिथि विद्वानों ने मंत्री इंदर सिंह परमार के सुझाव पर ‘विद्वान जनता पार्टी’ बनाकर चुनाव लड़ने पर भी विचार करने की बात कही है। उच्च शिक्षा आयुक्त से मांगों पर चर्चा हुई है।

दीप्ति गौड़ मुखर्जी देश की नई उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त

मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार ने देश का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। यह नियुक्ति सोमवार देर रात नौकरशाही में हुए बड़े फेरबदल का हिस्सा है। इससे पहले, वह कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव थीं। मुखर्जी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की सीईओ भी रह चुकी हैं, जहां उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उच्च शिक्षा सचिव के तौर पर उनके सामने नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जैसी चुनौतियां होंगी।

तीन शासकीय कॉलेजों में 2026-27 से संस्कृत की पढ़ाई को स्वीकृति

मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने और भारतीय भाषाओं के अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग ने तीन शासकीय कॉलेजों – शासकीय कन्या महाविद्यालय बासौदा (विदिशा), जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर (शाजापुर) और शासकीय महाविद्यालय सोयतकलां (आगर-मालवा) – में संस्कृत विषय की पढ़ाई को स्वीकृति दे दी है। इन संस्थानों में सत्र 2026-27 से संस्कृत पाठ्यक्रम संचालित होंगे।

जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद सितंबर में होंगे छात्रसंघ चुनाव

जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद सितंबर में सरकारी और निजी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे, जिससे करीब 12 साल बाद चुनावी माहौल लौटेगा। प्रदेश में आखिरी चुनाव 2016-17 में हुए थे। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी औपचारिक निर्देशों का इंतजार है, फिर भी छात्र संगठनों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एबीवीपी और एनएसयूआई नए विद्यार्थियों से संपर्क कर रहे हैं, जबकि करणी सेना और जयस की छात्र विंग जैसे नए संगठनों के भी मैदान में उतरने की संभावना है। डीएवीवी के कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने विश्वविद्यालय की तैयारियों की पुष्टि की है।

पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, सतना के प्रभारी प्राचार्य निलंबित, छात्रा से अनुचित वार्तालाप के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए

मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने सतना के पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस.सी. राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक छात्रा के साथ अनुचित वार्तालाप के आरोपों की जांच में प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद हुई। डॉ. राय पर पद के दुरुपयोग, अमर्यादित आचरण, स्वेच्छाचारिता और लापरवाही के आरोप हैं। निलंबन मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत किया गया है। इस मामले में कॉलेज की छात्रा से कथित आपत्तिजनक बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए गए थे। आगे विभागीय जांच की जाएगी।

हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय: डीन प्रोफेसर भगवत जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर निलंबित

सागर स्थित हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय ने बिजनेस मैनेजमेंट विभाग के डीन प्रोफेसर श्री भगवत को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनकी अनुसूचित जाति आरक्षित पद पर नियुक्ति के दौरान प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्र के फर्जी पाए जाने के बाद हुई। तथ्य-खोज समिति ने पाया कि प्रोफेसर भगवत उत्तर प्रदेश के बिंद समुदाय से हैं, जो वहां ओबीसी श्रेणी में आता है, और उनका एससी प्रमाण पत्र वैध नहीं है। विश्वविद्यालय ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए निलंबन किया। प्रोफेसर भगवत ने इसे प्रतिशोधात्मक बताया और उच्च न्यायालय जाने की बात कही।