मध्य प्रदेश के 2 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई के बिल में अतिरिक्त शुल्क का सामना करना पड़ेगा। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) को 1.11 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.77 प्रतिशत कर दिया है। इससे 200 से 300 यूनिट बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में लगभग 35 से 87 रुपये की वृद्धि हो सकती है। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के शैलेंद्र सक्सेना ने बताया कि यह वृद्धि बिजली खरीद की वास्तविक लागत और स्वीकृत लागत के अंतर के कारण हुई है, क्योंकि राज्य में बिजली की मांग बढ़ रही है और जलविद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है।
भोपाल में दो दिनों से चल रहा किसानों का धरना आंदोलन बुधवार देर रात समाप्त हो गया। यह आंदोलन समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने और खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था बदलने की मांग को लेकर था। मंत्रालय में मंत्री समूह के साथ हुई बैठक में हर पात्र किसान से 60 प्रतिशत उपज खरीदने और ई-टोकन व्यवस्था को स्थगित करने पर सहमति बनी। कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने निर्णयों की जानकारी दी, जिसमें मूंग खरीदी की सीमा 25 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करना, खरीदी की अंतिम तिथियों में वृद्धि और ई-टोकन व्यवस्था की समीक्षा के लिए समिति गठन शामिल है।