इंदौर में आनंदम परिवार ने वरिष्ठ सदस्यों के लिए अपनी वार्षिक पिकनिक का आयोजन किया। एक्रोपोलिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च परिसर में हुई इस पिकनिक में सदस्यों का चंदन टीके से स्वागत किया गया। इंदौरी पोहा, जलेबी और कचौड़ी का स्वाद लेने के बाद पौधारोपण किया गया। सचिव एस.बी. खंडेलवाल और अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। चेयरमैन ए.के. सोजतिया और डायरेक्टर डॉ. एस.सी. शर्मा ने आनंदम के प्रयासों की सराहना की। कव्वाली, नृत्य, अंताक्षरी, चुटकुले और गीतों के साथ मनोरंजन हुआ। दाल-बाफला भोज और ग्रैंड तंबोला का भी आयोजन किया गया, जिससे सदस्यों ने यादगार पल बिताए।
उज्जैन में नागपंचमी के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर के शीर्ष स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 17 अगस्त, सोमवार को 24 घंटे के लिए खोले जाएंगे। इस वर्ष नागपंचमी और सावन का तीसरा सोमवार एक ही दिन पड़ने से एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के साथ बाबा महाकाल की दिव्य सवारी का पुण्य लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। लाखों श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ के लिए प्रशासन और मंदिर समिति ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं, जिनमें पार्किंग, प्रसाद वितरण, चिकित्सा सुविधाएँ और व्हीलचेयर सेवाएँ शामिल हैं।
श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग नगरी में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के मंदिर को गर्भगृह से लेकर पूरे परिसर तक कई क्विंटल सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। यह विशेष पुष्प शृंगार पूरी रात चला, जिसमें महेश्वर और उज्जैन के पंडितों और दक्ष कारीगरों ने सहयोग दिया। सोमवार सुबह मंदिर के पट खुलने पर श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ के अलौकिक और मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर भावविभोर हो उठे।
उज्जैन में श्रावण के पहले सोमवार पर बाबा महाकाल की पहली सवारी आज शाम 4 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलेगी। भगवान चंद्रमौलेश्वर रजत पालकी में नगर भ्रमण करेंगे, जिसका विषय ‘वैदिक उद्घोष’ रखा गया है। रामघाट पर मां शिप्रा के तट पर भगवान का अभिषेक, पूजन और आरती होगी, जहां 1100 वैदिक बटुक मंत्रोच्चार करेंगे। मंदिर समिति अध्यक्ष कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने सवारी मार्ग और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। श्रावण और भाद्रपद मास की सभी छह सवारियां विभिन्न आकर्षक थीमों पर आधारित होंगी।
तमिलनाडु के ऑरोविले में इस वर्ष अगस्त में एक भव्य, एक माह लंबा उत्सव आयोजित किया जाएगा। यह उत्सव कलकत्ता में जन्मे दार्शनिक श्री अरबिंदो और द मदर की जयंती तथा ऑरोविले की स्थापना के उपलक्ष्य में होगा। इसकी रूपरेखा तय करने के लिए मंगलवार को एक उच्च स्तरीय योजना बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता ऑरोविले फाउंडेशन की सचिव डॉ. जयंती एस. रवि (आईएएस) ने की। बैठक में ऑरोविले फाउंडेशन, स्थानीय समुदाय, श्री अरबिंदो आश्रम और पुडुचेरी के प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। डॉ.