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भारतीय मूल के केतनकुमार पिपलिया ब्रिटेन के क्लैक्टन-ऑन-सी उपचुनाव में नाइजेल फराज को चुनौती दे रहे

ब्रिटेन के क्लैक्टन-ऑन-सी संसदीय उपचुनाव में भारतीय मूल के उद्यमी केतनकुमार पिपलिया, रिफॉर्म यूके पार्टी के नेता नाइजेल फराज को चुनौती दे रहे हैं। इस चुनाव में कुल 34 उम्मीदवार मैदान में हैं। सत्तारूढ़ लेबर और विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टियों ने चुनाव का बहिष्कार किया है, जिसे उन्होंने ‘फर्जी उपचुनाव’ बताया है। पिपलिया स्थानीय हितों को प्राथमिकता देने, नियंत्रित सीमाओं और निष्पक्ष आव्रजन व्यवस्था की वकालत करते हैं। फराज पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी हैं, जिनकी जांच चल रही है। यह चुनाव फराज के राजनीतिक प्रभाव और नए उम्मीदवारों के लिए अपनी जगह बनाने की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह का आरोप: डीआईजी असित यादव ने दतिया उपचुनाव प्रभावित करने का प्रयास किया

दतिया विधानसभा उपचुनाव में नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह ने ग्वालियर रेंज के डीआईजी असित यादव और जिला पंचायत दतिया के सीईओ अक्षय तेम्रवाल पर चुनाव प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक ने कहा कि डीआईजी यादव को चुनाव के दौरान विशेष व्यवस्था करने की खुली छूट दी गई थी और 15-20 बूथों पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। हालांकि, दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और एसपी मयूर खंडेलवाल ने निष्पक्षता से चुनाव कराया और अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी। विधायक ने नए थाना प्रभारियों और टीआई पर भाजपा प्रत्याशी के समर्थक होने का भी आरोप लगाया।

दतिया जीत के बाद कांग्रेस PAC की बैठक आज, नकुल नाथ पहली बार होंगे शामिल

दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद आज भोपाल में मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक बुलाई गई है। यह बैठक दोपहर 12 बजे से पीसीसी के तीसरे तल पर होगी। इसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित 25 नेता शामिल होंगे। जीतू पटवारी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह उनके कार्यकाल की पहली पीएसी बैठक है, जिसमें नकुल नाथ पहली बार शामिल होंगे।

दतिया भाजपा में नए जिलाध्यक्ष की तलाश तेज, 2028 विधानसभा चुनाव से जुड़ा फैसला

दतिया भाजपा में विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद संगठनात्मक बदलाव की कवायद तेज हो गई है। पार्टी ने जिला कार्यकारिणी भंग कर दी है और नए जिलाध्यक्ष के चयन पर मंथन कर रही है। आशुतोष तिवारी और घनश्याम पिरोनिया प्रमुख दावेदार हैं, जिनके सामने 2028 के विधानसभा चुनाव में टिकट की चुनौती भी है। पार्टी नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को महत्वपूर्ण पदों से दूर रखने की रणनीति पर विचार कर रही है, साथ ही ब्राह्मण, व्यापारी, दलित और कुशवाह जैसे सामाजिक समीकरणों को साधने का प्रयास कर रही है। आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करना एक बड़ी चुनौती है।

दतिया उपचुनाव: मंत्रियों की तैनाती और जातीय गणित भी भाजपा के काम नहीं आई

दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने भाजपा की चुनावी रणनीति की कमियों को उजागर किया है। पार्टी ने सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने के लिए बड़े नेताओं और मंत्रियों को मैदान में उतारा, लेकिन इसके बावजूद छह में से केवल दो मंडलों में ही बढ़त बना सकी, जबकि चार मंडलों में कांग्रेस आगे रही। नगर मंडल में भाजपा को 5,604 मतों से बड़ी हार मिली। परिणाम संकेत देते हैं कि स्थानीय संगठन की पकड़, बूथ कमेटियों की सक्रियता और स्थानीय मुद्दे बड़े नेताओं की मौजूदगी से अधिक प्रभावी साबित हुए।

विजयपुर और दतिया में जीत के बाद कांग्रेस एक्शन में, 11 अगस्त को भोपाल में 2028 चुनाव रोडमैप पर मंथन

विजयपुर और दतिया उपचुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस ने 11 अगस्त को भोपाल में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक बुलाई है। इस बैठक में वर्ष 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए विस्तृत रोडमैप और कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पार्टी दतिया में सफल रहे बूथ-स्तरीय प्रबंधन को सभी 230 विधानसभा सीटों पर लागू करने पर विचार कर रही है। कमल नाथ, दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा जैसे बड़े नेता बैठक में शामिल होंगे। कांग्रेस प्रदेशभर में किसानों, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आंदोलन की योजना बना रही है।

दतिया उपचुनाव हार पर आशुतोष तिवारी बोले, कांग्रेस षड्यंत्र समझ नहीं पाए

दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपनी हार का कारण कांग्रेस के षड्यंत्र को बताया। उन्होंने भोपाल में कहा कि वे इस षड्यंत्र को समझ नहीं पाए और अन्य कारणों की समीक्षा की जाएगी। तिवारी ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर सीधा जवाब देने से बचा और भीतरघात पर समीक्षा की बात कही। उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात की और 2028 के चुनाव में खुद को साधारण कार्यकर्ता बताया। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी हार पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि सभी अपनी रणनीति की गहन समीक्षा करें।

पटवारी के भाइयों से बार-बार पूछताछ: कांग्रेस विधायक पुलिस कमिश्नर का घेराव करेंगे

इंदौर पुलिस द्वारा ड्रग्स मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाइयों, नाना और भरत, से बार-बार पूछताछ किए जाने पर कांग्रेस के पूर्व विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने नाराजगी व्यक्त की है। वर्मा ने भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने दतिया उपचुनाव के परिणाम का हवाला देते हुए कहा कि जनता ने सत्ता के दुरुपयोग को अस्वीकार कर दिया है। वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि पटवारी और उनके परिजनों को बेवजह प्रताड़ित किया जाता रहा, तो कांग्रेस विधायक पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करेंगे।

दतिया उपचुनाव हार के बाद भाजपा में संगठनात्मक चुनौती

दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा के सामने जिले में संगठन का पुनर्गठन और नए जिलाध्यक्ष का चयन बड़ी चुनौती है। पार्टी एक ऐसे नेता की तलाश में है जो पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव का सामना कर सके। आशुतोष तिवारी और पूर्व विधायक घनश्याम पिरौनिया जिलाध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार हैं। अनुसूचित वर्ग के महत्व को देखते हुए पिरौनिया एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं। इस बीच, मिश्रा समर्थकों पर शुरू हुई संगठनात्मक कार्रवाई से पार्टी में हलचल है, जिस पर प्रदेश नेतृत्व सख्त रुख अपनाए हुए है।

दतिया उपचुनाव में आसपा का मजबूत प्रदर्शन, 2028 में ग्वालियर-चंबल में बड़ी चुनौती का संकेत

दतिया उपचुनाव में आजाद समाज पार्टी (आसपा) के प्रत्याशी दामोदर यादव ने 22,527 वोट प्राप्त कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया। उनके प्रदर्शन ने बसपा, कांग्रेस और भाजपा के वोटबैंक को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप भाजपा 6,016 वोटों से चुनाव हार गई। यह उपचुनाव ग्वालियर-चंबल अंचल में दलित राजनीति में आसपा के संभावित उदय का संकेत देता है, जो 2028 के विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। 2018 के विधानसभा चुनावों में दलित वोटों के एकतरफा रुख ने इस क्षेत्र के राजनीतिक परिणामों को बदल दिया था, जिससे भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।