इंदौर में एनर्जी ड्रिंक के नाम पर अत्यधिक कैफीन वाले पेय धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं, जिससे बच्चे और किशोर लत का शिकार हो रहे हैं। कम कीमत की छोटी बोतलें इसकी मुख्य वजह हैं। राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने इन पर सख्ती बरती है, लेकिन मध्य प्रदेश में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इंदौर से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं, लेकिन आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय निर्देशों का इंतजार है।
मुरैना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने तेली पाड़ा स्थित मोदी इंटरप्राइजेज पर छापा मारकर 3.35 लाख रुपये कीमत का 550 किलो ‘कृष्णा घी’ जब्त किया है। राज्य प्रयोगशाला द्वारा ‘कृष्णा घी’ को असुरक्षित घोषित किए जाने और दो बार सब-स्टैंडर्ड सैंपल पाए जाने के बावजूद इसकी बिक्री जारी थी। मुख्यालय खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए 450 एमएल, 180 एमएल और 15 लीटर टिन पैकिंग के तीन सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे हैं। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं द्वारा उच्च मूल्य पर असुरक्षित घी के सेवन की शिकायतों के बाद की गई।
भोपाल में गैस कनेक्शन अपडेट के नाम पर एक टेंट कारोबारी राकेश सिंह पाल से 50 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई है। 31 जुलाई को उन्हें व्हाट्सएप पर फर्जी लिंक मिली, जिस पर उन्होंने अपनी बैंकिंग जानकारी दर्ज की। इसके बाद उनके केनरा बैंक खाते से राशि निकाल ली गई। पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। ईटखेड़ी पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और बैंक ट्रांजेक्शन तथा मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच कर रही है।
भोपाल में साइबर ठगों ने बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर कोलार रोड निवासी एक 59 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी रमेश कुमार महापात्रा से 2.23 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप पर फर्जी बिजली बिल अपडेट संदेश भेजकर एक एपीके फाइल डाउनलोड करवाई। फाइल इंस्टॉल होते ही उनके बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से राशि निकाल ली गई। रमेश महापात्रा को संदेह होने पर बैंक से संपर्क करने पर धोखाधड़ी का पता चला। उनके क्रेडिट कार्ड से 1.46 लाख रुपये और बैंक खाते से 76,763.70 रुपये निकाले गए। कोलार पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।