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मध्य प्रदेश में अगले पांच साल के बिजली टैरिफ की प्रक्रिया शुरू, लाइन लॉस बढ़ने का प्रस्ताव

मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले अगले पांच साल के बिजली टैरिफ निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी ने पूर्व क्षेत्र और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों के लिए लाइन लॉस बढ़ाने का प्रस्ताव मप्र विद्युत नियामक आयोग को भेजा है। आयोग ने प्रस्तावित नियम-शर्तों पर उपभोक्ताओं से 1 सितंबर तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। विशेषज्ञों ने लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश के बावजूद लाइन लॉस बढ़ने की संभावना पर चिंता व्यक्त की है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है। अंतिम टैरिफ आदेश ही वास्तविक प्रभाव तय करेगा।

महाराष्ट्र में गाय-भैंस के दूध की कीमतें 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ीं

महाराष्ट्र में गाय और भैंस के दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जो 11 अगस्त 2026 से लागू होगी। दुग्ध उत्पादक और प्रसंस्करण कल्याण संघ ने डीजल की बढ़ती कीमतों, परिवहन लागत, 30% बढ़ी हुई पैकेजिंग लागत और किसानों से खरीदे जाने वाले दूध के महंगे होने को इसका कारण बताया है। इस बढ़ोतरी के बाद गाय का दूध 62 रुपये और भैंस का दूध 78 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। संघ के अनुसार, यह फैसला डेयरी उद्योग और उत्पादकों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यक था।

इंदौर में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य, ओटीपी आधारित डिलीवरी

इंदौर में अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न ईंधन संकट से घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति में आई बाधा अब समाप्त हो गई है। पहले जहां उपभोक्ताओं को सिलेंडर आठ से दस दिन में मिलते थे, वहीं अब दो दिन में डिलीवरी हो रही है। डिलीवरी को पूरी तरह से ओटीपी आधारित कर दिया गया है, जिससे वास्तविक उपभोक्ता तक ही सिलेंडर पहुंचता है। वाणिज्यिक गैस उपभोक्ताओं को संकट के दौरान आपूर्ति रुकने से भारी नुकसान हुआ, जिससे कई रेस्टोरेंट बंद हो गए और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बढ़ा। पीएनजी कनेक्शन बढ़ने से भी वाणिज्यिक सिलेंडर की खपत कम हुई है।

महाराष्ट्र में दूध ₹2 प्रति लीटर महंगा, 11 अगस्त से नई कीमतें लागू

महाराष्ट्र में 11 अगस्त से गाय और भैंस दोनों के दूध की कीमतें 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाएंगी। प्रमुख सहकारी और निजी डेयरियों ने इस मूल्य वृद्धि को मंजूरी दी है। यह निर्णय दुग्ध उत्पादक एवं संसाधक कल्याण संघ की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष गोपालराव म्हास्के ने की। एसोसिएशन ने बताया कि डीजल की कीमतों में 10 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है और पैकेजिंग खर्च में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। दूध की खरीद कीमतों में भी वृद्धि हुई है, और डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी 10 प्रतिशत तक की वृद्धि का निर्णय लिया गया है।

त्योहारी सीजन से पहले खाद्य पदार्थों के दाम बढ़े, शक्कर 25% महंगी

त्योहारी सीजन से ठीक पहले खाद्य पदार्थों के दाम में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम आदमी का मासिक बजट बिगड़ गया है। पिछले एक माह में शक्कर के दाम 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जिसके मुख्य कारणों में कम स्टॉक, बढ़ती मांग और इथेनॉल नीति शामिल हैं। तुवर और चने की दाल के भाव भी ऊंचे बने हुए हैं, जिससे रसोई का खर्च और मिठाइयों की लागत बढ़ गई है। व्यापारियों और विशेषज्ञों ने बढ़ती महंगाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कीमतों पर गंभीरता से निगरानी रखने की मांग की है।

TRAI ने MyCall एप का नया संस्करण जारी किया

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने MyCall एप का नया और उन्नत संस्करण 3 अगस्त 2026 को जारी किया है। यह एप 100 करोड़ से अधिक दूरसंचार उपभोक्ताओं को कॉल ड्रॉप, आवाज टूटने और अन्य नेटवर्क संबंधी समस्याओं की वास्तविक समय में रिपोर्ट करने में सक्षम बनाता है। एप का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता अनुभव के आधार पर नेटवर्क गुणवत्ता का आकलन करना और सेवा प्रदाताओं को सुधार के लिए क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करना है। फीडबैक गुमनाम रहेगा और इसका उपयोग दंडात्मक कार्रवाई के लिए नहीं होगा। यह एप एंड्रॉयड पर Google Play Store पर उपलब्ध है।

मध्य प्रदेश के 39.84 लाख LPG ग्राहकों को 16 अगस्त तक e-KYC कराना अनिवार्य

मध्य प्रदेश के 39.84 लाख घरेलू एलपीजी ग्राहकों को 16 अगस्त तक अपनी बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरी करनी होगी, अन्यथा उन्हें सब्सिडी के बजाय महंगी दरों पर सिलेंडर खरीदना पड़ेगा। गैस आपूर्ति कंपनियों ने अलर्ट संदेश भेजे हैं। राज्य में 1.73 करोड़ सक्रिय कनेक्शनों में से 39.84 लाख का ई-केवाईसी लंबित है, जिसमें भोपाल के 1.94 लाख उपभोक्ता शामिल हैं। गैस वितरकों ने सब्सिडी प्रभावित होने की बात कही है, हालांकि कंपनियों से कोई लिखित आदेश नहीं आया है। ई-केवाईसी स्मार्टफोन ऐप, एजेंसी जाकर या डिलीवरी प्रतिनिधि के माध्यम से की जा सकती है।

10 अगस्त तक ई-केवाईसी न कराने पर घरेलू एलपीजी सिलेंडर कमर्शियल दरों पर मिलेंगे

ग्वालियर में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। 10 अगस्त तक ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर रियायती दर पर नहीं मिलेगा और उन्हें कमर्शियल दरों पर भुगतान करना होगा, जिससे 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत लगभग 2400 रुपये तक पहुंच सकती है। शहर के कुल 5.73 लाख उपभोक्ताओं में से लगभग 85 हजार ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। गैस एजेंसियां वर्तमान में सशर्त आपूर्ति कर रही हैं और उपभोक्ताओं को 10 अगस्त से पहले ई-केवाईसी पूरी करने की चेतावनी दे रही हैं। ई-केवाईसी गैस एजेंसी जाकर या संबंधित कंपनियों के मोबाइल ऐप के माध्यम से की जा सकती है।

मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका, जुलाई बिल में बढ़ा एफपीपीएएस सरचार्ज

मध्य प्रदेश के 2 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई के बिल में अतिरिक्त शुल्क का सामना करना पड़ेगा। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) को 1.11 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.77 प्रतिशत कर दिया है। इससे 200 से 300 यूनिट बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में लगभग 35 से 87 रुपये की वृद्धि हो सकती है। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के शैलेंद्र सक्सेना ने बताया कि यह वृद्धि बिजली खरीद की वास्तविक लागत और स्वीकृत लागत के अंतर के कारण हुई है, क्योंकि राज्य में बिजली की मांग बढ़ रही है और जलविद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है।

भोपाल में ई-केवाईसी के कारण 1.35 लाख उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहे गैस सिलेंडर

राजधानी भोपाल में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी एक नई समस्या बन गई है। लगभग 1.35 लाख उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी डिलीवरी नहीं मिल पा रही है। गैस एजेंसी संचालकों का दावा है कि उन्हें कंपनियों से मौखिक निर्देश मिले हैं कि ई-केवाईसी पूरी न होने पर आपूर्ति रोकी जाए। हालांकि, गैस कंपनियां डिलीवरी रोकने के किसी भी आदेश से इनकार कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं और एजेंसियों के बीच विवाद गहरा गया है। ई-केवाईसी का उद्देश्य पहचान सत्यापन और फर्जी कनेक्शन रोकना है।