मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने संगठन सृजन अभियान का प्रमुख चरण पूरा कर लिया है। पार्टी अगले चार महीनों में अपने सभी विभागों और प्रकोष्ठों का समयबद्ध पुनर्गठन करेगी। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के साथ ही मैदानी आंदोलनों और चुनावी प्रबंधन को मजबूत करने की योजना है। भोपाल में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। जीतू पटवारी के नेतृत्व में इंदौर में राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ एक विशाल प्रदर्शन भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें कार्यकर्ताओं को एकजुटता का संदेश दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश में पिछले वर्ष अगस्त में नियुक्त किए गए जिला कांग्रेस अध्यक्षों के प्रदर्शन की केंद्रीय स्तर पर समीक्षा शुरू हो गई है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मंगलवार को राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की अगुवाई में यह बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश संगठन की कार्यप्रणाली का आकलन किया जाएगा। जिलाध्यक्षों को ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। कमजोर प्रदर्शन करने वाले ‘डी’ श्रेणी के लगभग दस जिलाध्यक्षों को पद से हटाया जा सकता है, जबकि ‘सी’ श्रेणी वालों को सुधार का अंतिम अवसर मिलेगा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में आदिवासी विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने कमल नाथ सरकार के दौरान अवकाश और 89 विकासखंडों में कार्यक्रम के लिए बजट के प्रावधान का हवाला दिया। इसके अतिरिक्त, विद्यालयों और शासकीय संस्थानों में आदिवासी इतिहास पर आधारित कार्यक्रम तथा आदिवासी योगदानकर्ताओं को सम्मानित करने की भी मांग की गई है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर युवाओं को “कीड़ा” कहने के आरोप पर तीखी बहस हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने रिकॉर्ड देखने के बाद स्पष्ट किया कि विजयवर्गीय ने अपने वक्तव्य में यह शब्द इस्तेमाल नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाए थे, जिस पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे गलतफहमी बताया। स्पीकर ने सार्वजनिक जीवन में शब्दों के चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी, ताकि अनावश्यक विवादों से बचा जा सके।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को राजभवन के सामने से पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक विधानसभा में मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर डटे रहे, जहां स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से उनकी तीखी बहस हुई। कांग्रेस ने नीट परीक्षा में कथित धांधली और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसे मुद्दों को उठाया। एनएसयूआई ने भोपाल में प्रधानमंत्री का पुतला भी फूंका।