गोवा पुलिस ने तटीय राज्य में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के आयोजकों से वित्तपोषण और उद्देश्य के बारे में पूछताछ की है, जहां कथित तौर पर उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाए गए थे। पिछले हफ्ते, खालिद के समर्थन में बयान देने के आरोप में दो युवकों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें 2020 के दिल्ली दंगों से संबंधित मामले में गिरफ्तार किया गया है। पणजी पुलिस ने एनजीओ उजवाद की सचिव अमरीन शेख को तलब कर लगभग 240 सवाल पूछे, जिनमें विरोध प्रदर्शन के लिए धन और कथित इरादे शामिल थे।
गोवा में नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर ‘उमर खालिद’ की रिहाई की मांग वाले पोस्टर दिखाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आयोजकों से पूछताछ कर दो युवकों को हिरासत में लिया। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि गोवा में राष्ट्रविरोधी एजेंडे को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ नहीं है।