टोरेंट ग्रुप मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जिससे 15 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप के चेयरमैन समीर मेहता से भेंट के बाद यह घोषणा की। प्रमुख परियोजनाओं में अनूपपुर में 1,600 मेगावाट ताप विद्युत संयंत्र (₹22,000 करोड़, 7,000 रोजगार) और छिंदवाड़ा में 1,500 मेगावाट पंप्ड स्टोरेज परियोजना (₹7,500 करोड़, 4,000 रोजगार) शामिल हैं। राज्य सरकार ने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 2,800 मेगावाट ताप विद्युत क्षमता निविदा में टोरेंट पावर को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
मध्य प्रदेश में इस वर्ष कम बारिश के कारण बिजली क्षेत्र पर सीधा असर पड़ा है। बिजली की मांग में लगभग 30% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि जलविद्युत उत्पादन घटकर लगभग एक-चौथाई रह गया है। सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को अधिकतम मांग 13,471 मेगावॉट तक पहुँच गई, जो एक साल में 3,076 मेगावॉट की वृद्धि दर्शाती है। जलविद्युत उत्पादन में कमी के कारण राज्य को एनटीपीसी से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है, जिसका बोझ आम जनता पर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती के भी आरोप लगे हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं, किसानों और ऊर्जा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु ने घोषणा की कि जनवरी 2027 से WBSEDCL उपभोक्ताओं को मासिक बिजली बिल मिलेगा, जबकि स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं होंगे। कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 1 अगस्त से पीएम-कुसुम योजना लागू होगी और खेती की बिजली पर ₹2 प्रति यूनिट अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। WBPDCL को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा। बक्रेश्वर और कोलाघाट में नई ऊर्जा परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, साथ ही 54,000 ICDS केंद्रों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे।