एअर इंडिया की 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही उड़ान एआई-2379 में 17 यात्री घायल हो गए। इस घटना में केवल टर्बुलेंस नहीं, बल्कि ट्रिपल हाइड्रोलिक फेलियर और ऑटो-पायलट डिस्कनेक्ट जैसी कई तकनीकी समस्याएं सामने आईं। विमान ओडिशा के झारसुगुड़ा के पास अचानक 300 मीटर नीचे आ गया, जिससे यात्रियों को चोटें आईं। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने जांच शुरू कर दी है, जिसमें फ्रांस की बीईए और एयरबस की टीमें भी मदद कर सकती हैं। घटना के बाद मुख्य पायलट पर नशे का आरोप भी लगा, हालांकि पायलटों के संगठन ने बचाव किया।
एअर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही उड़ान संख्या AI-2379 को मंगलवार 4 अगस्त को तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। लगभग डेढ़ घंटे बाद हुई इस घटना में विमान दो से तीन मिनट तक डगमगाता रहा, जिससे केबिन की सीलिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई। दिल्ली पहुंचने पर फ्लाइट के पायलट का ‘साइकोएक्टिव सब्सटेंस’ (डोप) टेस्ट किया गया। सूत्रों के अनुसार, कैप्टन के पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी सामने आई है, हालांकि एअर इंडिया ने इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया है। एयरलाइन ने बताया कि टेस्ट के नतीजे अभी तक साझा नहीं हुए हैं।
मुंबई के नरिमन पॉइंट स्थित प्रतिष्ठित पूर्व एअर इंडिया बिल्डिंग की पहचान बदलने वाली है, जिसे महाराष्ट्र सरकार ने 1,601 करोड़ रुपये में अधिग्रहित किया है। यह 23 मंजिला इमारत अब सरकारी प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य करेगी। इसकी 22वीं मंजिल पर स्थित बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल का नवीनीकरण कर भविष्य में महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठकें आयोजित की जाएंगी। सरकार इमारत के व्यापक नवीनीकरण की तैयारी कर रही है, जिसमें 180 करोड़ रुपये का टेंडर जारी होने की संभावना है। कुल 23 मंजिलों में से 20 का उपयोग सरकारी कार्यालयों के लिए होगा, जिससे यह इमारत महाराष्ट्र सरकार के नीतिगत फैसलों का नया केंद्र बनेगी।