नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने ‘अनम्यूट भारत’ पॉडकास्ट में विकसित भारत 2047 के लिए विज्ञान और तकनीक का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यदि एक लाख करोड़ रुपये के शोध, विकास और नवाचार कोष का सही उपयोग होता है, तो अगले दस वर्षों में भारत से तकनीक के क्षेत्र में कम से कम दस बड़ी कंपनियां उभर सकती हैं। यह भारत को तकनीक का उपभोक्ता से निर्माता बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा और एलन मस्क या स्टीव जॉब्स जैसी प्रतिभाओं को जन्म देगा। प्रो. करंदीकर ने सूचना युद्ध के खतरों और स्वदेशी तकनीक के विकास पर भी प्रकाश डाला।
इंदौर में आयोजित नईदुनिया संवाद कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के शिक्षा में बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि एआई बच्चों की पढ़ाई का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसकी अत्यधिक निर्भरता सोचने, सवाल करने और समस्या हल करने की क्षमता को कमजोर कर सकती है। विशेषज्ञों ने एआई की जानकारी को जांचने, रचनात्मकता विकसित करने और इसके फायदे व सीमाओं को समझने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों और परिवारों को बच्चों को एआई का जिम्मेदारी से उपयोग करना सिखाना चाहिए और उन्हें तकनीकी व मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार करना होगा।
जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने ‘अंतर्गीता’ नामक एक एआई-आधारित ऐप विकसित किया है, जो भगवद्गीता की शिक्षाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ता है। यह ऐप उपयोगकर्ता की डायरी, व्यवहार और डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण कर उसकी समस्याओं को समझता है और परिस्थिति के अनुरूप गीता की सीख प्रदान करता है। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरभ सिंह के विचार से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट, अब तैयार है और जल्द ही प्ले स्टोर पर लॉन्च किया जाएगा। इसमें ‘हील योरसेल्फ’ और ‘गीता कंपेनियन’ जैसे फीचर्स शामिल हैं, जो सरल माध्यमों से गीता के ज्ञान को प्रस्तुत करते हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी विभागों में Sarvam AI के स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर दो वर्षों में 11.26 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे करीब 2,500 सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘इंडस’ एआई वर्कस्पेस बनेगा। Sarvam AI के समाधान भारत के सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर पर होस्ट होंगे और इसमें ‘संवाद’, ‘सारस’ और ‘बुलबुल’ एआई मॉडल भी शामिल हैं। वहीं, ठाणे सत्र अदालत ने 40 वर्षीय इंजीनियर विकार जैनुद्दीन शेख को अपनी गर्भवती पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका और जांच में खामियां पाई गईं।
भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के विज्ञानियों के एक एआई अध्ययन से खुलासा हुआ है कि भोपाल का बड़ा तालाब वर्ष 2050 के प्री-मानसून सीजन तक 40 से 60 प्रतिशत तक सिकुड़ सकता है। यह शोध रिमोट सेंसिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर 1980 से 2024 तक के आंकड़ों पर आधारित है। अध्ययन चेतावनी देता है कि वैश्विक तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि से तालाब का जलभराव क्षेत्र 40 प्रतिशत तक घट जाएगा, जिसका सबसे अधिक असर मई-जून में दिखेगा।