जबलपुर जिले में टीबी मुक्त अभियान के तहत सात माह में 3800 लोगों में टीबी के लक्षण पाए गए हैं। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए 2800 संपर्कों की स्क्रीनिंग कर उन्हें दवा की पहली खुराक दी गई है। स्वास्थ्य विभाग का ध्यान बीमारी की प्रारंभिक पहचान और उपचार पर है, जिससे रिकवरी दर 95% तक पहुंच गई है। 20 से 50 वर्ष के युवा और कामकाजी वर्ग अधिक प्रभावित हैं। मोतीनाला, रांझी, शहपुरा और सिहोरा में मरीजों की संख्या अधिक है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग 12 अगस्त से दो माह का एचआईवी सघन जागरूकता अभियान भी शुरू करेगा।