साइबर ठगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बचने के लिए एक नई ‘कैश-आउट गैंग’ बनाई है। यह गिरोह हर बड़े शहर में कमीशन एजेंट तैनात करता है, जो ठगी की रकम बैंक खाते में आते ही कुछ ही मिनटों में एटीएम से निकाल लेते हैं। इसके बाद यह रकम कैश डिपोजिट मशीन के जरिए सरगनाओं तक पहुंचा दी जाती है, जिससे पीड़ित के शिकायत करने से पहले ही खाते खाली हो जाते हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे ऑपरेशन को तीन राज्यों में बांटा जाता है, जिससे नेटवर्क तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कोहेफिजा पुलिस की जांच में इस देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा हुआ।