राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने मंगलवार को संसद में विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, उन पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि यह पहली बार है जब उन्होंने सत्ताधारी सांसदों को विरोध करते देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष ने उन्हें ऐसा करने पर मजबूर किया है और अब उन्हें आगे आकर बयान देना चाहिए। एनडीए का यह प्रदर्शन झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर केंद्रित था।
एनडीए की साप्ताहिक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और सहयोगी दलों के नेताओं ने संसद में भाग लिया। बैठक में भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल उपलब्धियों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा हुई। बताया गया कि 2004-2014 के दौरान 2.89 करोड़ युवाओं को रोजगार मिला, जबकि 2014-2026 के बीच 17.1 करोड़ युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया। खेल नीति और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी प्रस्तुतियां दी गईं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की उपस्थिति भी दर्ज की गई, यह बैठक बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार के एक दिन बाद हुई।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ संपन्न हो गई है। यह बैठक संसद पुस्तकालय भवन स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य मानसून सत्र के शेष 10 दिनों के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन की सदन की रणनीति तय करना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई केंद्रीय मंत्री और सांसद इसमें उपस्थित रहे। इस बैठक में एनसीपीआई के सांसदों ने भी भाग लिया, जिन्होंने बैठक को व्यवस्थित और ज्ञानवर्धक बताया।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक मंगलवार को संसद पुस्तकालय भवन में शुरू हुई। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए एनसीपीआई सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष पहली बार शामिल हुए। बैठक में नकल विरोधी विधेयक को आगे बढ़ाने और जंतर-मंतर पर कथित पुलिस ज्यादती के मुद्दे पर चर्चा हुई। विधेयक का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना है, जिसमें 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने जैसे सख्त प्रावधान हैं।