तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों में भविष्य की रणनीति को लेकर मतभेद सामने आए हैं। 20 बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय की घोषणा की है, लेकिन उनके बीच भविष्य को लेकर गहरी खाई है। तीन मुस्लिम सांसदों ने अमित शाह से मुलाकात कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मुद्दागत समर्थन देने की इच्छा जताई है। वहीं, आधा दर्जन सांसदों की राय है कि एनसीपीआई के बजाय भविष्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी को बुधवार को पूरे मानसून सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। उन पर असंसदीय भाषा के इस्तेमाल और एक बागी टीएमसी सांसद को ‘चोर’ कहने का आरोप है। यह कार्रवाई विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच हुई, जिसके कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई। निलंबन से पहले, बनर्जी की एनसीपीआई सांसदों से बहस हुई थी, जो पहले टीएमसी में थीं। यह विवाद टीएमसी में हुए विभाजन की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जहाँ पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद लगभग 20 सांसदों ने एनसीपीआई में शामिल होकर एनडीए सरकार को समर्थन दिया था।