म्यूल खातों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बाद साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। अब वे ‘हैंडलर’ तैनात कर रहे हैं, जो तकनीकी रूप से दक्ष युवा और बीई-बीटेक इंजीनियर होते हैं। ये हैंडलर दूर-दराज के राज्यों से ठगी नेटवर्क और बैंक खाते संचालित करते हैं। हाल ही में 21.05 करोड़ रुपये की चार्टर्ड अकाउंटेंट से ठगी के मामले में हैंडलर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया गया। हैंडलर एपीके फाइल के जरिए ओटीपी प्राप्त कर स्क्रीन शेयरिंग से काम करते हैं और ठगी का पैसा तुरंत कई खातों में ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे पुलिस को उलझाना आसान हो जाता है। खाताधारक को केवल एटीएम से अपना कमीशन निकालना होता है।