देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन के एमएड तीसरे सेमेस्टर के छात्रों ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परीनीता रत्नपारखी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षिका ने एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेशन विषय की कक्षाएं नहीं लीं, जिससे पाठ्यक्रम अधूरा रह गया, फिर भी उन्हें परीक्षा के लिए मजबूर किया गया। परीक्षा न देने पर छात्रों को फेल कर दिया गया। विद्यार्थियों ने कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई और कुलसचिव प्रज्वल खरे से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका दावा है कि इस विवाद से उनके यूजीसी-नेट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।