जापान के टोट्टोरी प्रांत के मुख्य सचिव तोशिकी एंडो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा का दौरा किया। इस दौरान कौशल विकास, पर्यटन, निवेश, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। दो दिवसीय दौरे में प्रस्तावित ओडिशा-टोट्टोरी मैत्री समझौते पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसका उद्देश्य दोनों सरकारों के बीच सहयोग को औपचारिक बनाना है। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने जापानी कंपनियों को ओडिशा के औद्योगिक, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित ऊर्जा, पर्यटन और एमएसएमई क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
मुरैना के कैलारस स्थित शक्कर कारखाने की 37.887 हेक्टेयर निजी जमीन, जिसका मूल्यांकन जिला पंजीयक व कलेक्टर ने 438.14 करोड़ रुपए किया था, उसे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग (MSME) को 60.92 करोड़ रुपए में बेच दिया गया। विशेषज्ञों और किसान संघ ने पुनर्जीवन का प्रस्ताव दिया था, जिससे एनसीडीसी से 5 हजार करोड़ का ऋण मिल सकता था, 30 हजार रोजगार सृजित होते और 1 लाख किसानों की आय दोगुनी होती। हालांकि, अधिकारियों ने विशेषज्ञ संस्थाओं की सिफारिशों को अनदेखा किया। इस सौदे पर अधिकारियों के तर्क और दस्तावेजों में विरोधाभास सामने आए हैं, जिस पर कई प्रश्न उठाए गए हैं।