मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रोफेसर डॉ. सोमपाल सिंह द्वारा दायर याचिका पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि डॉ. सिंह को नियमितीकरण और पदोन्नति में कथित भेदभाव का सामना करना पड़ा है। डॉ. सिंह ने 1993 में एमपीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन उन्हें 2008 से प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया गया, जबकि एमपीपीएससी अनुत्तीर्ण एक अन्य प्रोफेसर को 2006 से पदोन्नति मिली। अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित है, और याचिका में उच्च शिक्षा विभाग तथा एमपीपीएससी के सचिव सहित अन्य को पक्षकार बनाया गया है।