मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है, लेकिन बारिश का वितरण असमान है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में 8 जिलों – सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल – में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जहां 4 इंच या उससे अधिक वर्षा हो सकती है। राज्य में अब तक सामान्य से 17% कम बारिश दर्ज हुई है, जिसमें पूर्वी मध्य प्रदेश में 20% और पश्चिमी हिस्से में 15% की कमी है। केवल आठ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जिसमें देवास 29% अधिक वर्षा के साथ सबसे आगे है। 28 से 30 जुलाई के बीच मानसून के फिर से तीव्र होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में मानसून पूरे रंग में है, जहां तीन सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण पिछले 60 घंटे से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन में ऑरेंज अलर्ट शामिल है। लगातार बारिश से राज्य में वर्षा की कमी 17 प्रतिशत से घटकर 11 प्रतिशत रह गई है, हालांकि 41 जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। देवास में सर्वाधिक 18.5 इंच और आलीराजपुर में सबसे कम ढाई इंच बारिश हुई है। जुलाई के शेष दिनों में मजबूत मौसम प्रणालियों से घाटा पूरा होने की उम्मीद है।