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75 हजार शिक्षकों के प्रमोशन के लिए एमपी सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची

मध्यप्रदेश सरकार ने लगभग 75 हजार शिक्षकों के प्रमोशन की राह आसान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 2005 और 2008 की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 पात्रता परीक्षा को टीईटी के समकक्ष मान्यता देने की मांग की है। विभाग का तर्क है कि उस दौरान ली गई परीक्षा का प्रारूप और स्तर वर्तमान टीईटी के समान ही था। सरकार का कहना है कि यदि कोर्ट से राहत मिलती है, तो 2011 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार ने 7,500 प्राथमिक शिक्षकों को आपसी रजामंदी से स्कूल व जिला बदलने का मौका दिया है।

एमपी के 10 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 18% तक बढ़ सकता है

मध्यप्रदेश में 10 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अगले वित्तीय वर्ष में 18 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। सरकार वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट में विभागों के स्थापना व्यय में 78 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रावधानित करेगी। वर्तमान में महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत है, जबकि केंद्र सरकार इसे 62 प्रतिशत कर चुकी है। प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और कमजोर मानसून के कारण वृद्धि का निर्णय नहीं लिया है। कर्मचारी और पेंशनर संगठन लगातार महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने 18 अगस्त को आंदोलन की घोषणा की है।

लोकायुक्त-ईओडब्ल्यू को 6.5 साल में 50 हजार से अधिक शिकायतें, कोर्ट पहुंचे केवल 486 मामले

मध्य प्रदेश में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू को बीते साढ़े छह वर्षों में 50,453 शिकायतें मिलीं, जिनमें से केवल 486 मामले ही अदालत तक पहुंच पाए। विधानसभा में सरकार द्वारा दी गई इस जानकारी से भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की धीमी गति उजागर हुई है। लोकायुक्त को 27,192 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 477 मामलों में चालान पेश हुए, जबकि ईओडब्ल्यू को 23,261 आवेदनों में से केवल 9 मामलों में ही अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जा सका। सेवानिवृत्त डीएसपी आरके सिंह ने बहुस्तरीय जांच प्रक्रिया को देरी का मुख्य कारण बताया।

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के नियमों में बदलाव, अब 70 प्रतिशत अंक अनिवार्य

मध्यप्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत अब 12वीं बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले शासकीय विद्यालय के प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थी ही पात्र होंगे। पहले 60 प्रतिशत अंक पर्याप्त थे। इस वर्ष योजना के क्रियान्वयन में डेटा अपलोडिंग की प्रक्रिया में देरी हो रही है, जिससे हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलने में विलंब हो सकता है। इसके अतिरिक्त, 1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि का भी इंतजार है, जिसकी वितरण तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।