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मध्य प्रदेश NEET UG-2026 काउंसलिंग: 47 मेडिकल-डेंटल संस्थान शामिल, 20 सरकारी और 15 निजी मेडिकल कॉलेज MBBS के लिए

मध्य प्रदेश में नीट यूजी-2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग के लिए चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा कॉलेजों की आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) द्वारा मंगलवार को जारी इस सूची में प्रदेश के कुल 47 सरकारी और निजी संस्थान शामिल हैं। एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए 20 सरकारी और 15 निजी मेडिकल कॉलेज भाग ले रहे हैं, जिनमें गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल, एमजीएम इंदौर सहित कई प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। वहीं, बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए एक सरकारी और 11 निजी डेंटल कॉलेज काउंसलिंग प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। यह सूची नीट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को चॉइस फिलिंग में सहायता प्रदान करेगी।

मध्य प्रदेश में मेधावी योजना: ग्रामीण सेवा पर एमबीबीएस ऋण 100% माफ

मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं, जिससे अब पात्र विद्यार्थियों को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए भी लाभ मिलेगा। यह व्यवस्था वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू होगी। योजना के तहत, फीस की प्रतिपूर्ति के साथ आवश्यक अतिरिक्त राशि ब्याजमुक्त ऋण के रूप में दी जाएगी। इस ऋण को मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पांच वर्ष की सेवा पूरी करने पर 100% माफ किया जा सकेगा, जबकि ढाई वर्ष की सेवा पर 50% की छूट मिलेगी।

मध्य प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटा नहीं रहेगा

मध्य प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में अब मैनेजमेंट कोटा नहीं रहेगा। एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर प्रवेश पुराने नियमों के तहत ही होगा, जिसमें 85% सीटें स्टेट कोटा और 15% एनआरआई कोटे से भरी जाएंगी। शासन ने 35% मैनेजमेंट कोटा पुनः शुरू करने के चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। यह कोटा 2014 से बंद था। काउंसलिंग प्रक्रिया 5 अगस्त से पंजीयन के साथ शुरू होगी, जिसमें 19 शासकीय और 14 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।

एमबीबीएस छात्र ने 10 साल की सजा पूरी होने के बाद पढ़ाई फिर शुरू करने की इच्छा जताई

दस साल की सजा पूरी करने के बाद एक एमबीबीएस छात्र ने अपनी मेडिकल पढ़ाई दोबारा शुरू करने की इच्छा जताई है। छात्र ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) से प्रथम प्रोफ की अंकसूची जारी करने और आगे की पढ़ाई की अनुमति मांगी थी। डीएवीवी ने एक समिति गठित की और छात्र को मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय, जबलपुर भेजा। डीएवीवी ने छात्र की प्रथम प्रोफ की मार्कशीट जारी कर दी है। छात्र को 2013-14 में आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया था। उच्च न्यायालय के निर्देश पर उसने जेल में रहते हुए परीक्षा दी थी, जिसका परिणाम पहले रोका गया था।

एमबीबीएस छात्रों को अपग्रेड विकल्प ऑनलाइन मिलेगा

इस सत्र से गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) में एमबीबीएस की 250 सीटों पर प्रवेश होगा, जिसके लिए कॉलेज प्रशासन ने काउंसिलिंग की तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेडिकल काउंसिल कमेटी (एमसीसी) ने ऑल इंडिया कोटे के अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया आसान करते हुए अपग्रेडेशन का विकल्प ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। अब छात्रों को इसके लिए कॉलेज नहीं आना होगा। वहीं, मध्यप्रदेश में इस सत्र के लिए प्रस्तावित मेडिकल प्रवेश के नए नियम और निजी कॉलेजों में 30-35% मैनेजमेंट कोटा लागू नहीं होंगे। एनआरआई पात्रता में बदलाव भी टाले गए हैं।

एमबीबीएस-बीडीएस दाखिले के लिए नीट यूजी-2026 काउंसलिंग का टेंटेटिव शेड्यूल जारी

मध्य प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट यूजी-2026 काउंसलिंग का टेंटेटिव शेड्यूल जारी हो गया है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त कार्यालय ने पहले राउंड का कार्यक्रम घोषित किया है, जिसके तहत रजिस्ट्रेशन 5 से 13 अगस्त तक होंगे। सीट मैट्रिक्स 11 अगस्त को जारी होगी, जिस पर आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। स्टेट मेरिट लिस्ट 14 अगस्त को आएगी। पहले राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 20 अगस्त को घोषित होगा, जिसके बाद 21 से 27 अगस्त तक दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अभ्यर्थियों को अपग्रेडेशन का विकल्प चुनना अनिवार्य होगा।

मध्य प्रदेश: एमबीबीएस ट्यूशन फीस में देश का पांचवां सबसे महंगा राज्य, इंटर्नशिप स्टाइपेंड में पिछड़ा

मध्य प्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सामने आए आंकड़ों के अनुसार, शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की ट्यूशन फीस के मामले में मध्य प्रदेश देश का पांचवां सबसे महंगा राज्य है, जहां छात्रों से सालाना 1 लाख रुपये फीस ली जाती है। इसके विपरीत, इंटर्नशिप के दौरान उन्हें मात्र 14,337 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। कई राज्यों में कम फीस होने के बावजूद इंटर्न्स को मध्य प्रदेश से अधिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। करीब 3,600 इंटर्न डॉक्टर न्यूनतम 30,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं।

एमबीबीएस इंटर्न्स का स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर प्रदर्शन, 23 जुलाई से हड़ताल जारी

मध्य प्रदेश के एमबीबीएस इंटर्न्स और भावी इंटर्न्स ने स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर भोपाल में जागरूकता बाइक रैली निकाली। वे वर्तमान 14,337 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं। इंटर्न्स का कहना है कि मध्य प्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम स्टाइपेंड मिलता है, जबकि जिम्मेदारियां समान हैं। 23 जुलाई से उनका कार्य स्थगित आंदोलन जारी है, जिसमें ओपीडी और वार्ड की नियमित सेवाओं का बहिष्कार किया जा रहा है, हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी हैं।

सीएपीएफ कर्मियों को 50% जीएसटी छूट, 25-35 लाख अनुग्रह राशि; एमबीबीएस में 26 सीटें आरक्षित

भारत सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं। इन पहलों में आर्थिक सहायता, शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाएं शामिल हैं। सीएपीएफ कर्मियों को केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार के सामान पर 50% जीएसटी छूट मिलती है। साथ ही, कर्मी के परिजनों को 25 लाख रुपये से 35 लाख रुपये तक की अनुग्रह राशि और एमबीबीएस में 26 सीटें आरक्षित की गई हैं। यह जानकारी गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।