इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय की आपातकालीन सेवाएं 20 साल पुराने जनरेटर पर निर्भर हैं। अस्पताल प्रबंधन ने दो साल पहले दो नए 500-500 केवीए डीजी सेट खरीदने का प्रस्ताव भोपाल भेजा था, लेकिन छह रिमाइंडर के बावजूद मंजूरी नहीं मिली। हाल ही में एक जनरेटर के खराब होने पर किराए का जनरेटर लगाना पड़ा। अस्पताल में 25 से अधिक मरीज वेंटिलेटर पर रहते हैं। बिजली मेंटेनेंस के ₹3.80 करोड़ का भुगतान भी लंबित है, जिससे नियमित रखरखाव प्रभावित हो रहा है। 4 अगस्त को नए जनरेटर पर निर्णय की उम्मीद है।