मध्य प्रदेश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को अपनाने की रफ्तार धीमी बनी हुई है, हाल ही में हुए एलपीजी संकट के बावजूद। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड के 31 मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में केवल 3,36,953 घरेलू पीएनजी कनेक्शन हैं, जिससे यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 8वें स्थान पर है। इंदौर और उज्जैन में सर्वाधिक 1,35,095 कनेक्शन हैं, जबकि राजधानी भोपाल में मात्र 39,432 कनेक्शन हैं। महाराष्ट्र जैसे राज्य 47.42 लाख कनेक्शनों के साथ शीर्ष पर हैं, जो मध्य प्रदेश से काफी आगे हैं।
मणिपुर में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी टैंकरों से जबरन वसूली का मामला सामने आया है, जहां सीआरपीएफ ने मणिपुर पुलिस पर वसूली के आरोप लगाए हैं। यह मुद्दा मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह तक पहुंचने के बाद राज्य सरकार ने एनएच-37 पर जबरन वसूली रोकने के लिए मौजूदा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की समीक्षा और संशोधन का निर्णय लिया है। एक समन्वय समिति का गठन किया गया है, जिसमें सीआरपीएफ और राज्य सरकार की एजेंसियां शामिल हैं, जो तीस दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पेट्रोलियम संघों ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या पर प्रकाश डाला था।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भोपाल में 10 किलोग्राम का नया फ्री ट्रेड सिलिंडर लॉन्च किया है। यह प्लास्टिक वाला सिलिंडर बिना गैस कनेक्शन के प्राप्त किया जा सकता है। मार्च में एलपीजी की कमी और नए कनेक्शन पर रोक के बाद उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से इसे लाया गया है। इसे एक अधिकृत पहचान पत्र और 3,186 रुपये के शुरुआती भुगतान पर खरीदा जा सकता है, जबकि रिफिल 1,550 रुपये में उपलब्ध होगा। इंडियन ऑयल के स्टेट हेड अजय श्रीवास्तव ने इसकी लॉन्चिंग की। यह सिलिंडर नर्मदापुरम रोड स्थित रघु व अभिमन्यु और टीटीनगर स्थित आरके इंडेन गैस एजेंसियों पर उपलब्ध है।
भोपाल में 10 किलो फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की सुविधा शुरू की गई है, जिससे किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को रसोई की व्यवस्था में आसानी होगी। यह सुविधा मंगलवार से शहर की तीन गैस एजेंसियों – रघु गैस एजेंसी, अभिमन्यु गैस एजेंसी और आरके डिस्ट्रीब्यूटर – के माध्यम से उपलब्ध है। उपभोक्ता ब्लिंकिट पर सिलिंडर की बुकिंग कर सकेंगे, जिसकी डिलीवरी चार घंटे के भीतर की जाएगी। 10 किलो एफटीएल सिलेंडर के लिए 3,186 रुपये की सिक्योरिटी राशि और 1,550 रुपये का रिफिलिंग शुल्क निर्धारित किया गया है। नया कनेक्शन लेने के लिए केवल पहचान पत्र की आवश्यकता होगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने शनिवार रात को कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की दरों में कटौती की है। ग्वालियर में 19 किलो का कमर्शियल सिलिंडर 192 रुपये सस्ता होकर अब 2963 रुपये में उपलब्ध होगा। इस कटौती से होटल, रेस्टोरेंट और फैक्ट्री संचालकों सहित खाने-पीने का कारोबार करने वालों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद कमर्शियल सिलिंडर के दाम चार बार बढ़ाए गए थे, जिससे कुल 1300 रुपये तक की वृद्धि हुई थी।
ग्वालियर में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। 10 अगस्त तक ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर रियायती दर पर नहीं मिलेगा और उन्हें कमर्शियल दरों पर भुगतान करना होगा, जिससे 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत लगभग 2400 रुपये तक पहुंच सकती है। शहर के कुल 5.73 लाख उपभोक्ताओं में से लगभग 85 हजार ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। गैस एजेंसियां वर्तमान में सशर्त आपूर्ति कर रही हैं और उपभोक्ताओं को 10 अगस्त से पहले ई-केवाईसी पूरी करने की चेतावनी दे रही हैं। ई-केवाईसी गैस एजेंसी जाकर या संबंधित कंपनियों के मोबाइल ऐप के माध्यम से की जा सकती है।
भोपाल में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को बुकिंग और आपूर्ति में फिर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सर्वर की गति धीमी होने से ऑनलाइन बुकिंग बाधित हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं को आधा से एक घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। जिन उपभोक्ताओं की ईकेवाईसी नहीं है, उनकी आपूर्ति प्रभावित हो रही है। जिले में साढ़े चार लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, मौके पर ईकेवाईसी कर सिलिंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं और किसी की आपूर्ति नहीं रोकी जा रही है।
राजधानी भोपाल में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी एक नई समस्या बन गई है। लगभग 1.35 लाख उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी डिलीवरी नहीं मिल पा रही है। गैस एजेंसी संचालकों का दावा है कि उन्हें कंपनियों से मौखिक निर्देश मिले हैं कि ई-केवाईसी पूरी न होने पर आपूर्ति रोकी जाए। हालांकि, गैस कंपनियां डिलीवरी रोकने के किसी भी आदेश से इनकार कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं और एजेंसियों के बीच विवाद गहरा गया है। ई-केवाईसी का उद्देश्य पहचान सत्यापन और फर्जी कनेक्शन रोकना है।
भोपाल में फरवरी 2026 से नए घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन जारी होना बंद हो गए हैं, जिससे 6,000 से अधिक परिवार प्रभावित हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया ठप होने के कारण शहर की 46 गैस एजेंसियों पर हजारों आवेदन लंबित हैं। इस स्थिति का फायदा उठाकर कालाबाजारी में घरेलू गैस सिलिंडर 2,000 से 2,500 रुपये में बेचे जा रहे हैं। जिला आपूर्ति नियंत्रक के अनुसार, सिलिंडर की आपूर्ति नियमित है, लेकिन नए कनेक्शन शुरू करने का निर्णय तेल कंपनियों को लेना है।