महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) ने होम्योपैथों को एलोपैथिक दवाएं लिखने की अनुमति देने वाले सरकारी फैसले के विरोध में राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। एमएआरडी ने अदालत के अंतिम फैसले तक बीएचएमएस-सीसीएमपी पंजीकरण प्रक्रिया को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि बातचीत विफल रही है और 24 घंटे बाद आपातकालीन सेवाएं भी बंद हो सकती हैं। कई अन्य चिकित्सा संगठनों ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है।
भोपाल में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी के डॉक्टर अवैध रूप से एलोपैथिक दवाएं लिख रहे हैं, इंजेक्शन लगा रहे हैं और मामूली सर्जरी भी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में है। नवदुनिया की पड़ताल में सुंदर नगर, सेमरा कलां और सुभाष कॉलोनी में ऐसे कई मामले सामने आए। भोपाल सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए एक चार सदस्यीय जांच टीम गठित करने और अनियमितता मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने अवैध दवाओं के प्रयोग से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों पर भी प्रकाश डाला।