मध्य प्रदेश में इथेनॉल उत्पादन के नाम पर हुए चावल घोटाले की जांच में एसआईटी ने तीन राज्यों के 14 राइस मिल संचालकों को संलिप्त पाया है। इनमें मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार कावरे की हर्ष राइस मिल भी शामिल है, जिसके बिजनेस पार्टनर और परिवार के सदस्यों से पूछताछ हुई है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर एफसीआई और नागरिक आपूर्ति निगम ने इन मिलरों को धान वितरण रोकने को कहा है। यह मामला 3 जून को 242 क्विंटल सरकारी चावल से भरे ट्रक के पकड़े जाने से सामने आया था, जिसमें अब तक 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
बालाघाट में चावल हेराफेरी मामले में एसआईटी की जांच तेज हो गई है। दोषी राइस मिल संचालकों पर आर्थिक और व्यावसायिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी है, जिन्हें एफसीआई भोपाल स्तर से ब्लैकलिस्ट करेगा। एफसीआई पुलिस या एसआईटी से एफआईआर कॉपी मिलने का इंतजार कर रहा है। एसआईटी ने बालाघाट, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के मिलरों व ट्रक ड्राइवरों को पूछताछ के लिए बुलाया है। गोंदिया के जुगल प्रसाद खंडेलवाल पर भी कार्रवाई हुई है, जिन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। संचेती राइस मिल से 44 लाख रुपये की वसूली का आदेश पहले ही जारी हो चुका है।