मध्य प्रदेश के बालाघाट में एथेनॉल के नाम पर हुए करोड़ों के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में एसआईटी ने भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के भतीजे अविनाश कावरे और गोपाल ठाकुर को गिरफ्तार किया है। अविनाश हर्ष राइस इंडस्ट्री में 20% का साझेदार है, जबकि गोपाल 10% का साझेदार है। वारासिवनी न्यायालय ने दोनों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। एसआईटी पर पहले भाजपा नेताओं के दबाव में होने के आरोप लगे थे। इस मामले में अब तक 14 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं, और पूर्व मंत्री के भाई कुमार कावरे पर भी कार्रवाई की अटकलें हैं।
बहुचर्चित सरकारी चावल हेराफेरी कांड में एसआईटी ने सिवनी स्थित नंदगोपाल राइस मिल पर छापा मारा, जहां डेढ़ हजार से अधिक खाली बोरे जब्त किए गए। यह कार्रवाई आरोपित राइस मिल संचालक सोनू जैन को सिवनी ले जाने के बाद की गई। सोनू जैन पंजाब के निवासी हैं और सिवनी में उनकी दो राइस मिलें हैं। एसआईटी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में जांच कर रही है, जिसमें अब तक 13 आरोपित गिरफ्तार हुए हैं और चार फरार हैं। आरोपितों ने उच्च न्यायालय में जमानत याचिकाएं दायर की हैं, जिनमें से कुछ पर सुनवाई बाकी है।
गुजरात के सुरेंद्रनगर की एक अदालत ने वांछित अपराधी हनीफ खान मलिक और उसके नाबालिग बेटे की पुलिस कार्रवाई में हुई मौत के मामले में एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर दी है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी केपी शर्मा की अदालत ने 18 जुलाई को सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिसकर्मियों को 8 अगस्त को अदालत में उपस्थित होने के लिए समन जारी किए गए हैं। यह आदेश प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर दिया गया, जो पुलिस के आत्मरक्षा के दावे का समर्थन नहीं करते।
मध्य प्रदेश में इथेनॉल उत्पादन के नाम पर हुए चावल घोटाले की जांच में एसआईटी ने तीन राज्यों के 14 राइस मिल संचालकों को संलिप्त पाया है। इनमें मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार कावरे की हर्ष राइस मिल भी शामिल है, जिसके बिजनेस पार्टनर और परिवार के सदस्यों से पूछताछ हुई है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर एफसीआई और नागरिक आपूर्ति निगम ने इन मिलरों को धान वितरण रोकने को कहा है। यह मामला 3 जून को 242 क्विंटल सरकारी चावल से भरे ट्रक के पकड़े जाने से सामने आया था, जिसमें अब तक 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
बालाघाट में चावल हेराफेरी मामले में एसआईटी की जांच तेज हो गई है। दोषी राइस मिल संचालकों पर आर्थिक और व्यावसायिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी है, जिन्हें एफसीआई भोपाल स्तर से ब्लैकलिस्ट करेगा। एफसीआई पुलिस या एसआईटी से एफआईआर कॉपी मिलने का इंतजार कर रहा है। एसआईटी ने बालाघाट, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के मिलरों व ट्रक ड्राइवरों को पूछताछ के लिए बुलाया है। गोंदिया के जुगल प्रसाद खंडेलवाल पर भी कार्रवाई हुई है, जिन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। संचेती राइस मिल से 44 लाख रुपये की वसूली का आदेश पहले ही जारी हो चुका है।