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महाकाल के आंगन में एक हजार वर्ष पुराना शिव मंदिर फिर ले रहा आकार

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर परिसर में एक हजार वर्ष पुराना शिव मंदिर फिर से आकार ले रहा है। वर्ष 2020-21 में खोदाई के दौरान इसके अवशेष मिले थे, जिनमें आधार भाग, गर्भगृह, शिवलिंग और कई प्रतिमाएं शामिल हैं। पुरातत्व विभाग इन अवशेषों के आधार पर भूमिज शैली में मंदिर का पुनर्निर्माण कर रहा है, जिसकी ऊंचाई 36 से 37 फीट रहेगी और लागत 65 से 90 लाख रुपये अनुमानित है। यह महाकाल मंदिर के प्राचीन इतिहास को पुनर्स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

केवड़ेश्वर महाकाल शिव मंदिर: 12-13वीं सदी में शिप्रा कुंडों के पास स्थापित

इंदौर तहसील के तिल्लौर खुर्द ग्राम के समीप स्थित प्राचीन केवड़ेश्वर महाकाल शिव मंदिर लगभग 800 वर्ष पुराना है और इसे 12-13वीं सदी का माना जाता है। यह मंदिर शिप्रा नदी के उद्गम स्थल के समीप तीन कुंडों के उत्तर-पूर्वाभिमुख स्थित है। इसका शिवलिंग स्वयंभू है और होलकर राजाओं ने इसका जीर्णोद्धार करवाया था, जबकि संरचना परमार कालीन है। बाबा दूधाधारी महाराज की तपोस्थली के रूप में विख्यात यह स्थल आध्यात्मिक महत्व रखता है। समीप ही कंपेल और देवगुराड़िया जैसे ऐतिहासिक स्थल भी हैं।