ग्वालियर शहर में साइबर ठगी की पांच घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक वायुसेनाकर्मी सहित पांच लोग शिकार हुए हैं। महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन में पदस्थ सुनील बंसल ने ‘वेलकम बोनस’ के झांसे में आकर एक लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उनके खाते से 2.26 लाख रुपये निकल गए। अन्य घटनाओं में अरविंद श्रीवास ने 32,214 रुपये, देवकुमार गुप्ता ने लगभग 67 हजार रुपये, माताप्रसाद राठौर ने 1.18 लाख रुपये और अनवर कुरैशी ने 40 हजार रुपये गंवाए हैं। ये सभी घटनाएं शहर के महाराजपुरा और मुरार क्षेत्रों से संबंधित हैं।
भोपाल में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। बागसेवनिया निवासी विष्णु शुक्ला से टेलीग्राम पर जॉब ऑफर के नाम पर 7.78 लाख रुपये की ठगी हुई, जिसमें उनके दोस्तों और परिजनों के खातों का भी उपयोग किया गया। एक अन्य मामले में, बागसेवनिया की रीना कचेर के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से फोन हैक करके 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसी क्षेत्र के अनु आशीष पवार के साथ भी ऐसी ही घटना हुई, जब उनके मोबाइल अपडेट के दौरान हैकर्स ने उनके आईडीबीआई बैंक खाते से 82 हजार रुपये उड़ा लिए। पुलिस तीनों मामलों की जांच कर रही है।
राजधानी भोपाल में कमलानगर थाने में पदस्थ हवलदार राजेंद्र बहादुर सिंह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल पर एक फर्जी लिंक भेजकर बैंक खाते से लगभग 1.96 लाख रुपये निकाल लिए। हवलदार को खाते से राशि कटने के मैसेज आने पर ठगी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन और पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ट्रांजेक्शन का विवरण जुटाना शुरू कर दिया है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
मुंबई में साइबर ठगों ने एक 90 वर्षीय बुजुर्ग को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर 1.57 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ने स्वयं को दूरसंचार विभाग और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया, फर्जी नोटिस और वेबसाइट दिखाई। सात महीने तक चले इस मानसिक दबाव के बाद बुजुर्ग ने अपनी जमा पूंजी गंवा दी। उन्हें ठगी का अहसास तब हुआ जब उन्होंने अखबार में डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी खबर पढ़ी। नवी मुंबई साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भोपाल में साइबर ठगों ने बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर कोलार रोड निवासी एक 59 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी रमेश कुमार महापात्रा से 2.23 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप पर फर्जी बिजली बिल अपडेट संदेश भेजकर एक एपीके फाइल डाउनलोड करवाई। फाइल इंस्टॉल होते ही उनके बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से राशि निकाल ली गई। रमेश महापात्रा को संदेह होने पर बैंक से संपर्क करने पर धोखाधड़ी का पता चला। उनके क्रेडिट कार्ड से 1.46 लाख रुपये और बैंक खाते से 76,763.70 रुपये निकाले गए। कोलार पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जबलपुर में साइबर ठगी के तीन नए मामले सामने आए हैं, जिनमें पीड़ितों से कुल 15 लाख 98 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों को अज्ञात लिंक व संदिग्ध ऐप्स से सावधान रहने की सलाह दी है। स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी सोनाली सेठिया से 15 लाख रुपये, शक्तिनगर निवासी विनायक से 28 हजार रुपये और एकता विहार कॉलोनी निवासी मधुलिका सिंह चौहान से 70 हजार रुपये की ठगी हुई है। इन मामलों में धमकी भरे संदेश, ऐप डाउनलोड और ‘हाय’ मैसेज का उपयोग किया गया।
जबलपुर में एक महिला डॉक्टर के अपॉइंटमेंट बुक कराने के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गईं। अधारताल निवासी 44 वर्षीय कनक खेमचंदानी ने 12 जुलाई को एक मोबाइल नंबर पर संपर्क किया था। जालसाजों ने वॉट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजकर उनका मोबाइल हैक कर लिया और उनके कैनरा बैंक खाते से कुल 51,699 रुपये निकाल लिए। इसमें 50,000 रुपये ‘लकी ईएनटी यूपी ग्रामीण बैंक’ और 1,699 रुपये ‘सूरज कुमार’ के पंजाब नेशनल बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। अधारताल पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर पुलिस ने लोगों को अनजान एपीके फाइल डाउनलोड न करने की सलाह दी है।