मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने भवन निर्माण एवं विकास अनुज्ञा प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा जारी निर्देशों के तहत, अब भवन अनुज्ञा के लिए अनावश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्रों की बाध्यता समाप्त या तर्कसंगत कर दी गई है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होगी, जिसमें केवल डिजिटल दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण और विरासत क्षेत्रों से संबंधित एनओसी अब केवल प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक होंगी।
प्रदेश के सभी आरटीओ कार्यालयों में एक से पंद्रह अगस्त तक जनता के लंबित कार्यों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उपायुक्त किरण शर्मा के अनुसार, इस अभियान में ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और रजिस्ट्रेशन जैसी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसका निराकरण कार्यालय स्तर पर या शिविर लगाकर होगा। सभी जिलों से आवेदनों का डेटा भी मांगा गया है। हालांकि, परिवहन विभाग की कई सेवाएं ऑनलाइन होने के बावजूद क्वेरी आने पर वाहन मालिकों को कार्यालय बुलाया जाता है।