फुटबॉल का सालाना बाजार 100 बिलियन डॉलर (लगभग 9.6 लाख करोड़ रुपए) से अधिक हो गया है, जो 95 देशों की जीडीपी से ज्यादा है। फीफा, क्लब, ब्रॉडकास्टर्स और कॉर्पोरेट घराने मिलकर इस विशाल वित्तीय इकोसिस्टम का निर्माण करते हैं। आय के प्रमुख स्रोतों में विश्व कप और चैंपियंस लीग के बड़े प्राइज पूल, प्रसारण अधिकार, खिलाड़ियों की ट्रांसफर फीस और साइनिंग-ऑन बोनस शामिल हैं। जर्सी स्पॉन्सरशिप, स्टेडियम के नामकरण अधिकार और सोशल मीडिया एंगेजमेंट से भी भारी कमाई होती है।