जबलपुर में आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) के सेवानिवृत्त कर्मी जीवनलाल मलिक (84) से भूखंड की रजिस्ट्री के नाम पर आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। वर्ष 2020 में जीवनलाल ने एचएफ इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के नैंसी स्वामी और अनूप मिश्रा को गुरैया गांव में 900 वर्गफुट भूखंड के लिए चार किस्तों में यह राशि दी थी। आरोपितों ने रजिस्ट्री का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में न तो भूखंड दिया और न ही पैसे लौटाए। पुलिस ने अब दोनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जबलपुर स्थित आर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) भारतीय सेना के लिए स्वदेशी और अत्याधुनिक सैन्य साजो-सामान का एक प्रमुख उत्पादन केंद्र बनने जा रही है। ऑपरेशन सिंदूर में एल-70 एंटी एयरक्राफ्ट गन के प्रभावी प्रदर्शन के बाद यहां उत्पादन को नई गति दी जाएगी। इसमें 120, 220, 450 किलोग्राम और थाउजेंड पाउंडर बमों की नई खेप शामिल है। राफेल और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों के लिए 500 और 1000 किलोग्राम के स्वदेशी जनरल पर्पस एरियल बम, 250 किलोग्राम के बंकर-बख्तरबंद ध्वस्त करने वाले बम और 125 मिमी एफएसएपीडीएस टैंकभेदी गोला-बारूद भी तैयार होगा।