भारत की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। सरकार ने संसद के मानसून सत्र 2024 के दौरान बताया कि देश की जेलों में क्षमता से 112.7 प्रतिशत अधिक कैदी हैं, जबकि दिल्ली में यह आंकड़ा 194.6 प्रतिशत है। गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार ने राज्यसभा में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के नवीनतम आंकड़े प्रस्तुत किए। इन आंकड़ों के अनुसार, देश की कुल 609 जेलों में स्वीकृत क्षमता 4,53,769 कैदियों की थी, लेकिन 31 दिसंबर, 2024 तक 5,11,542 कैदी दर्ज किए गए थे।