सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ओडिशा सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की रिलीज को चुनौती दी गई थी। फिल्म को सीबीएफसी से मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन ओडिशा सरकार ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई थी। एक अन्य मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने कपिल सिब्बल की जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका संविधान की दसवीं अनुसूची की उस व्याख्या को चुनौती देती है जो विधायकों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य होने से बचने के लिए पार्टी विलय का रास्ता अपनाने की अनुमति देती है।
देश के दिग्गज वकील कपिल सिब्बल ने सीजेपी को एक करोड़ रुपये का योगदान दिया है। यह राशि विरोध प्रदर्शनों के कारण कानूनी मामलों का सामना कर रहे छात्रों को कानूनी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। सिब्बल ने सोमवार को इस आर्थिक सहायता की घोषणा की। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के आश्वासनों के बावजूद, देशभर में छात्रों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की आशंका है, और सीजेपी ऐसे छात्रों के लिए कानूनी मदद हेतु सिब्बल के संपर्क में है।