इंदौर की हीरानगर पुलिस ने दो आरोपितों, मयंक और शोभित, को नकली पट्टे बांधकर मोहल्ले में जुलूस निकाला, यह दावा करते हुए कि उन्हें चोटें आई थीं। हालांकि, जेल गेट पर पट्टे हटाते और झाड़ियों में फेंकते हुए एक वीडियो सामने आया है। आरोप है कि नकली पट्टों और पिटाई से बचाने के लिए 20 हजार रुपये लिए गए। यह प्रक्रिया हीरानगर एसीपी रुबिना मिजवानी के निर्देशन में हुई, जिन्होंने जांच का आश्वासन दिया है। इस घटना ने कमिश्नरेट की साख और पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देशों की अवहेलना पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।