मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में वर्ष 1989 से अस्थायी रूप से कार्यरत रामचरण की सेवाएं नियमित करने का निर्देश दिया है। रामचरण, जो रायसेन के निवासी हैं, करीब 27 वर्षों तक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहे लेकिन उन्हें नियमित दर्जा नहीं मिला था। जबलपुर मुख्यपीठ ने 24 अप्रैल 2026 को बैंक को रामचरण को पूर्व लाभों सहित नियमित सेवा में लेने का आदेश दिया था। बैंक ने इसके खिलाफ रिट अपील दायर की, जिसे न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने 23 जुलाई 2026 को निरस्त कर दिया।
मध्य प्रदेश सरकार ने विद्युत वितरण, पावर ट्रांसमिशन और पावर मैनेजमेंट कंपनियों में कार्यरत लगभग छह हजार संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया है। रिक्त नियमित पदों के 50 प्रतिशत संविदाकर्मियों से भरे जाएंगे। पात्र कर्मचारियों को अक्टूबर से पहले 100 अंकों की ऑनलाइन विभागीय परीक्षा देनी होगी। अनुसूचित जाति-जनजाति और ओबीसी वर्ग को 40%, जबकि अनारक्षित वर्ग को 50% अंक प्राप्त करने होंगे। अनुभव के लिए अधिकतम 30 बोनस अंक दिए जाएंगे। मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी महासंघ ने ऐसी ही व्यवस्था अन्य विभागों में भी लागू करने की मांग की है।