इसरो के हजारों कर्मचारियों ने निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी की नीति पर चिंता व्यक्त की है। नौ कर्मचारी संगठनों ने 4 सितंबर को इसरो चेयरमैन वी. नारायणन को पत्र लिखकर निजीकरण नीति, इसरो की भविष्य की भूमिका और कर्मचारियों पर इसके असर की आधिकारिक जानकारी मांगी है। यह चिंता IN-SPACe अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका के बयान के बाद बढ़ी, जिसमें उन्होंने कहा था कि भविष्य में इसरो प्रक्षेपण यान नहीं बनाएगा। कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे निजी भागीदारी के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि निजीकरण की सीमा और इसरो की मुख्य जिम्मेदारियों पर स्पष्टता चाहते हैं।
मध्य प्रदेश में सितंबर महीने में बैंक यूनियनों की प्रस्तावित हड़ताल और छुट्टियों के कारण 9 दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे प्रदेश की करीब 7 हजार बैंक शाखाओं में कामकाज बाधित होने की आशंका है, जिसमें लगभग 40 हजार कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। कैश जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस, केवाईसी और लॉकर जैसी सेवाएं प्रभावित होंगी। बैंकिंग कामकाज दो चरणों में प्रभावित होगा। यूनियनों की मुख्य मांगों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह, पेंशन अपडेशन और नई भर्ती शामिल हैं। बुधवार को सरकार और बैंक संगठनों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिससे हड़ताल का भविष्य तय होगा।
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने छतरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग की कार्रवाई के बीच अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को फिलहाल सीएमएचओ कार्यालय में अपनी सेवाएं जारी रखने की अनुमति दी है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को चार सप्ताह में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है। चंद्रभान सेन व अन्य की ओर से दायर याचिका में सेवाओं को आउटसोर्स किए जाने को चुनौती दी गई थी।
मध्य प्रदेश में लगभग 40 हजार बैंक कर्मचारी 5 दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर सोमवार से 30 सितंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने जनता की सुविधा के लिए रविवार को सरकारी बैंकों को खुला रखने का विशेष आदेश दिया था, ताकि लगातार 5 दिन की बैंक बंदी से बचा जा सके। इस हड़ताल से प्रदेश की 7 हजार शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा, जिसमें भोपाल, इंदौर और उज्जैन की कई शाखाएं शामिल हैं। दैनिक 5500 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेन-देन प्रभावित होगा, हालांकि डिजिटल सेवाएं जारी रहेंगी।
इंदौर नगर निगम के डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण कर्मचारियों ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। उन्होंने एक महिला का सोने का मंगलसूत्र ढूंढकर सुरक्षित लौटाया, जो गलती से कचरे के साथ चला गया था। जोन 04 के सीएसआइ विजय यादव के अनुसार, वार्ड 12 में कचरा संग्रहण के दौरान यह घटना हुई। संगम नगर स्थित जीटीएस पर महिला ने मंगलसूत्र खोने की सूचना दी, जिसके बाद कर्मचारियों ने कचरे की छंटनी कर उसे खोज निकाला और महिला को सौंप दिया। महिला ने कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
वर्ष 2023 में 35 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को चौथा समयमान वेतनमान देने का निर्णय लिया गया था, जिसके आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए। हालांकि, मंत्रालय, विधानसभा और लोकभवन के कर्मचारियों को तीन साल बाद भी इसका लाभ नहीं मिला, जबकि शिक्षक और पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी संवर्ग को यह लाभ दे दिया गया। इस असमानता के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष है। मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने जल्द निर्णय न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ अध्यक्ष सुधीर नायक ने बताया कि कैबिनेट अनुमोदन के लिए प्रकरण तीन साल से लंबित है।
जबलपुर मंडल के रेल कर्मचारियों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना अब सरल हो गया है। पश्चिम मध्य रेलवे के इस मंडल के कर्मचारी नई नौकरी, प्रतियोगी परीक्षा या शैक्षणिक कार्यों हेतु एचआरएमएस आईडी से लॉग इन कर एम्प्लॉई सेल्फ सर्विस (ईएसएस) के एनओसी टैब के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है, जिससे कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है। यह प्रणाली कागजी कार्यवाही को कम करेगी, समय बचाएगी और आवेदनों के निपटान में पारदर्शिता लाएगी, साथ ही डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देगी। इसके अतिरिक्त, नवंबर माह से मासिक शिकायत कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश में 10 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अगले वित्तीय वर्ष में 18 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। सरकार वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट में विभागों के स्थापना व्यय में 78 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रावधानित करेगी। वर्तमान में महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत है, जबकि केंद्र सरकार इसे 62 प्रतिशत कर चुकी है। प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और कमजोर मानसून के कारण वृद्धि का निर्णय नहीं लिया है। कर्मचारी और पेंशनर संगठन लगातार महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने 18 अगस्त को आंदोलन की घोषणा की है।
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए दो से अधिक संतान वाले लगभग 25 साल पुराने प्रावधान को खत्म करने का मामला नौकरशाही स्तर पर अटक गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) अब तक इससे संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं ला सका। पूर्व मुख्य सचिव के कार्यकाल में भी वरिष्ठ सचिव समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी। मुख्यमंत्री ने GAD के एक ड्राफ्ट पर भी आपत्ति जताई थी, जिसमें यह पाबंदी बरकरार रखी गई थी। इस प्रावधान को 2001 में लागू किया गया था और कर्मचारी संगठन लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।
पदोन्नति में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसके कारण अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति पर अनिश्चितता बनी हुई है। हाई कोर्ट जबलपुर ने पदोन्नति नियम-2002 को निरस्त किया था, जिसे सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और यह मामला अभी विचाराधीन है। मई 2016 से पदोन्नतियां बंद थीं, जिसके बाद सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उच्च पद का प्रभार दिया। नए पदोन्नति नियम-2025 लागू होने के बाद जून से लगभग 60 हजार पदोन्नतियां हुई हैं, हालांकि हाई कोर्ट में इन नियमों पर सुनवाई जारी है। हाई कोर्ट ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के शीघ्र निराकरण के लिए प्रयास करने को कहा है।