रतलाम में कलेक्टर अजय कटेसरिया के नाम और प्रोफाइल फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप नंबर 639615402077 से कई लोगों को संदेश भेजे गए। कलेक्टर ने पुष्टि की कि यह उनका अधिकृत नंबर नहीं है और मामले की सूचना पुलिस को दी है। उन्होंने नागरिकों और अधिकारियों से ऐसे संदेशों पर भरोसा न करने, पैसों की मांग पर प्रतिक्रिया न देने और बैंक या यूपीआई के माध्यम से भुगतान न करने की अपील की है। कलेक्टर ने साइबर अपराधियों से सतर्क रहने और संदिग्ध संदेशों की पुष्टि के बिना व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी है।
राजधानी भोपाल के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के नाम से फेसबुक पर एक फर्जी आईडी बनाने का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस फर्जी आईडी को फॉलो न करें और न ही इसके किसी संदेश का जवाब दें। ‘प्रियंक मिश्रा IAS’ नाम से बनाई गई इस प्रोफाइल में कलेक्टर, अपर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की तस्वीरें उपयोग की गई हैं। पुलिस और साइबर सेल अब इस नई फर्जी आईडी बनाने वाले का पता लगाने में जुट गई है।
रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने गुढ़ में ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास’ कार्यक्रम में जिस बस से पहुंचे थे, उसे ही सीज करवा दिया। तिवारी बस सर्विस की इस बस में वैध फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और बीमा के कागजात नहीं थे, और उसकी स्थिति भी खराब थी। कार्यक्रम के बाद कलेक्टर ने परिवहन विभाग और एसडीएम से जांच करवाई। अनियमितता की पुष्टि होने पर बस को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया गया और आरटीओ को फिटनेस रद्द करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी बस संचालकों को नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी है।
उच्च न्यायालय ने पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त कर दिया है। कलेक्टर ने न्यायमूर्ति दीपक खोत की एकलपीठ के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर माफी मांगी और आदेश के पालन की जानकारी दी। यह वारंट पूर्व के आदेश का पालन न करने पर जारी किया गया था, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारी जाविन आरा रिजवी के नियमितीकरण सहित अन्य मांगों पर 90 दिनों में अभ्यावेदन निराकरण के निर्देश थे। अवमानना याचिका दायर होने के बाद भी कलेक्टर की ओर से उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई थी, जिसके चलते गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।
भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्ट्रेट स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है। डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे को एमपी नगर वृत्त का एसडीएम नियुक्त किया गया है, यह पद संयुक्त कलेक्टर एलके खरे के अपर कलेक्टर बनने से रिक्त था। डिप्टी कलेक्टर दीपक पांडेय को उप जिला निर्वाचन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार मिला है। संयुक्त कलेक्टर रवीश कुमार श्रीवास्तव को भू-संसाधन प्रबंधन सहित कई अहम शाखाएं दी गई हैं, जबकि डिप्टी कलेक्टर लाखन चौधरी सीएम हेल्पलाइन और शिकायत शाखा का प्रभार संभालेंगे।
मध्यप्रदेश में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि पटवारियों के विरुद्ध सीधी एफआईआर दर्ज न की जाए। एफआईआर से पहले पूरे मामले का प्रारंभिक परीक्षण अनिवार्य होगा। यह निर्णय पटवारी संघ के ज्ञापन और उनकी मांग पर लिया गया है, जिसमें वसीयत व अन्य राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों में पटवारियों के प्रतिवेदन के आधार पर सीधे एफआईआर दर्ज होने की शिकायत की गई थी। हालांकि, इस आदेश के बावजूद 23 हजार पटवारी अपनी हड़ताल से वापस नहीं लौटे हैं, जो 3 अगस्त से जारी है।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 की शुरुआत 7 अगस्त से होगी, जिसके तहत हर शुक्रवार को अधिकारियों की टीम गांवों में पहुंचेगी। यह अभियान 3 जनवरी 2027 तक चलेगा और इसका उद्देश्य शिकायतों का मौके पर समाधान करना तथा सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। उज्जैन की ग्राम पंचायत खेमासा से शुरू होने वाले इस अभियान का नेतृत्व कलेक्टर रौशन कुमार सिंह करेंगे। यह पिछले जवाबदेही अभियान का अगला चरण है, जिसमें सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे उज्जैन में बढ़ रही शिकायतों का बोझ कम होगा।
मुरैना जिले में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा और समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन सेल का गठन किया गया है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा जारी आदेशानुसार, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। यह सेल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करेगी, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और पहचान प्रमाण-पत्र बनवाने में सहायता प्रदान करेगी। इसका गठन केंद्र सरकार के ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम-2019 तथा नियम-2021 के तहत हुआ है, जिसका उद्देश्य समुदाय को सम्मानजनक, सुरक्षित और समान अवसर उपलब्ध कराना है।