कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने नई दिल्ली के जंतर मंतर पर 26 दिनों से जारी सोनम वांगचुक के अनशन को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने वांगचुक को अनशन तोड़ने के लिए मनाया, जिससे सरकार के साथ बातचीत का रास्ता खुला और छात्रों को आपराधिक कार्रवाई से बचाया जा सका। तन्खा ने इससे पूर्व 2022 में कश्मीरी पंडितों के अधिकारों के लिए एक निजी विधेयक पेश किया था। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर भी उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा, अपनी पार्टी की लाइन से हटकर भी जनहित को प्राथमिकता दी।