कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से 24 घंटे पहले गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पार्टी में भीतरघात और नए विधायक घनश्याम सिंह तथा भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के बीच सांठगांठ का दावा किया। भारती ने कहा कि उनका लक्ष्य दतिया की राजनीति से एक व्यक्ति के दबदबे को खत्म करना था। उन्होंने घनश्याम सिंह पर डॉ. मिश्रा के खिलाफ पेड न्यूज़ मामले में गवाही न देने और उनके इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। भारती ने यह भी दावा किया कि डॉ. मिश्रा के वकीलों ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट से चुनाव टलवाने का ऑफर दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
दतिया उपचुनाव की मतगणना से पहले कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने कई राजनीतिक दावे किए। उन्होंने नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह पर भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के “रिमोट कंट्रोल” पर काम करने का आरोप लगाया। भारती ने यह भी दावा किया कि उन्हें घनश्याम सिंह की विधानसभा सदस्यता बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से स्टे दिलाने का प्रस्ताव मिला था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। भारती ने अपने निष्कासन को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया और कहा कि यह फैसला दबाव में लिया गया।