मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इंदौर में जीएसटी ट्रिब्यूनल न होने पर केंद्र और राज्य शासन को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। यह नोटिस मप्र टैक्स कंसल्टेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि 2019 में जीएसटी काउंसिल की बैठक में इंदौर में राज्यपीठ स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। याचिका में इंदौर में ट्रिब्यूनल न स्थापित करने को मनमाना निर्णय और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक अवमानना याचिका से राज्यपाल का नाम हटाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है, जिस पर इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है। यह आवेदन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दायर किया गया है। याचिकाकर्ता डॉ. आर.बी. दुबे ने आरोप लगाया है कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा उनके सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ प्रदान करने के हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया। पूर्व में न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने इस अवमानना याचिका पर राज्यपाल सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए थे।