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त्विषा शर्मा डेथ केस: पूर्व जज गिरिबाला की जमानत पर सुनवाई टली

भोपाल के त्विषा शर्मा डेथ केस में आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत अर्जी पर सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई टल गई। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ के समक्ष प्रकरण का नंबर नहीं आ पाने के कारण यह सुनवाई स्थगित हुई। अब 12 अगस्त को सुनवाई होने की संभावना है। गिरिबाला सिंह ने भोपाल की ट्रायल कोर्ट द्वारा 25 जुलाई को जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद हाई कोर्ट का रुख किया है। मृतका त्विषा शर्मा के पिता ने भी आरोपी की जमानत का विरोध करते हुए आपत्ति आवेदन पेश किया है, जिस पर जमानत अर्जी के साथ सुनवाई होगी।

त्विषा शर्मा मामला: पूर्व जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ की पेशी, सीबीआई 17 अगस्त को सौंपेगी अंतिम रिपोर्ट

त्विषा शर्मा मामले में आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ की मंगलवार को कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई हुई, जिसमें सीबीआई ने अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं की। कोर्ट ने अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की है, जब सीबीआई अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। इसी बीच, पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर सुनवाई सोमवार को हाई कोर्ट में नहीं हो सकी और अब इसके 12 अगस्त को होने की संभावना है।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट: पुलिस से जानकारी छिपाना अपराध की श्रेणी में

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने लापता युवक की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस को आवश्यक जानकारी जानबूझकर छिपाना आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आ सकता है। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की पीठ ने यह टिप्पणी 11 अगस्त 2026 को राधा प्रजापति की याचिका पर की। राज्य सरकार ने बताया कि प्रतिवादी, युवक का दादा, सहयोग नहीं कर रहा है, जबकि प्रतिवादी ने तथ्यों को छिपाने और वैवाहिक विवाद का दावा किया। पुलिस ने युवक को तीन दिन में बरामद कर कोर्ट में पेश करने की उम्मीद जताई है। अगली सुनवाई 14 अगस्त 2026 को होगी।

हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारी के जाति प्रमाण-पत्र जांच का 21 साल पुराना आदेश किया निरस्त

हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारी महेंद्र सिंह ठाकुर के जाति प्रमाण-पत्र की वैधता से संबंधित 21 साल पुराने एकलपीठ के आदेश को निरस्त कर दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने कहा कि जब कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुका है और विभागीय जांच में उसका प्रमाण-पत्र वैध पाया गया है, तो इतने लंबे अंतराल के बाद हाई पावर कमेटी से जांच कराने का कोई उपयोगी उद्देश्य नहीं है। कोर्ट ने 2005 और 2008 के संबंधित आदेशों को रद्द कर दिया।

निदा खान को पनाह देने के आरोप में AIMIM पार्षद मतीन पटेल गिरफ्तार; घर और कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल को धर्म परिवर्तन मामले में नामजद पूर्व टीसीएस कर्मचारी निदा खान को कथित तौर पर पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अदालत के कई समन के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर गुरुवार शाम उन्हें हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए नासिक भेजा गया। प्रशासन ने उनके घर और कार्यालय पर बुलडोजर की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इस मामले में पहले ही कई एफआईआर दर्ज हैं और टीसीएस ने संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।

भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट में अब 12 अगस्त को सुनवाई

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अब 12 अगस्त को सुनवाई होगी। पूर्व में पांच और छह अगस्त को सुनवाई नहीं हो सकी थी। इस सुनवाई से शुक्रवार की नमाज की व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी, जिसके लिए प्रशासन को 14 अगस्त को होने वाली नमाज के मद्देनजर तैयारी रखनी होगी। सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था के तहत पिछले दो शुक्रवार को भोजशाला के पीछे खसरा नंबर 612 पर नमाज शांतिपूर्वक हो चुकी है। न्यायालय का निर्देश तय करेगा कि यह व्यवस्था जारी रहेगी या नई व्यवस्था बनेगी, जिस पर मंदिर और मस्जिद पक्ष अपना अगला कदम उठाएंगे।

बॉम्बे HC ने तरुण तेजपाल को यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया, बरी करने का फैसला रद्द

बॉम्बे हाईकोर्ट ने तहल्का पत्रिका के संस्थापक तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया है और उन्हें बरी करने के फैसले को रद्द कर दिया है। अपनी दोषसिद्धि के बाद, तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की बात कही और इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया। मामले की जांच अधिकारी सुनीता सावंत ने पुष्टि की कि जांच सही ढंग से की गई थी और सभी तथ्य अदालत में प्रस्तुत किए गए थे।

हाई कोर्ट ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के विरुद्ध याचिका खारिज की

हाई कोर्ट ने सुरखी (सागर) से भाजपा विधायक व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजपूत ने नामांकन के साथ प्रस्तुत शपथपत्र में अपनी और अपनी पत्नी की संपत्तियों की जानकारी छिपाई थी। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद संपत्ति छिपाने के आरोपों की समीक्षा का वैधानिक अधिकार निर्वाचन आयोग के पास नहीं रहता।

हाई कोर्ट ने नरसिंहपुर पुलिस सिपाही से 16 साल बाद वेतन वसूली आदेश निरस्त किया

हाई कोर्ट ने नरसिंहपुर पुलिस के सिपाही हीरालाल यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए विभाग द्वारा 16 साल बाद जारी वेतन वसूली आदेश को निरस्त कर दिया है। विभाग ने वेतन निर्धारण में गलती बताकर अधिक भुगतान की राशि वसूलने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने कहा कि वसूली से पूर्व कर्मचारी को सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई राशि वसूल की गई है, तो उसे वापस किया जाए। याचिकाकर्ता को 1998 में बर्खास्त किया गया था और 2005 में बहाल किया गया था।

याचिकाकर्ता ने एनटीए की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका वापस ली

इंदौर हाई कोर्ट में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका याचिकाकर्ता लोकेंद्रसिंह खडिय़ा ने मंगलवार को वापस ले ली। उन्होंने कोर्ट को बताया कि वे मामले में आगे कार्रवाई नहीं करना चाहते। याचिका में खडिय़ा ने अपनी नीट ओएमआर शीट के आधार पर 305 अंकों के बजाय 64 अंक मिलने का दावा किया था, जिससे 241 अंकों का अंतर आया था। उन्होंने एनटीए को संसद द्वारा स्थापित वैधानिक संस्था न होकर एक सामान्य सोसायटी बताते हुए उसके गठन और संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किए थे, जिनके जवाब आने से पहले ही याचिका वापस ले ली गई।