भोपाल नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में चल रहे कारोबार के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर कार्रवाई की थी। निगम ने 62 हजार से अधिक संपत्तियां चिह्नित करने का दावा किया और कई प्रतिष्ठानों को सील या बंद कराया। व्यापारियों के विरोध के बाद कार्रवाई रोक दी गई। निगम ने अपने शपथ-पत्र में आंकड़ों की विसंगति के बाद बदलाव कर नया शपथ-पत्र न्यायालय में पेश किया है। सर्वोच्च न्यायालय 15 सितंबर को इस मामले पर सुनवाई करेगा, जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा गठित समिति की वैधता पर भी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
जबलपुर हाईकोर्ट ने सहायक ग्रेड-3 भर्ती में 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थी सत्येंद्र कुमार खरे को अंतरिम रूप से आवेदन करने की अनुमति दी है। यह राहत फिलहाल व्यक्तिगत याचिकाकर्ता तक सीमित है, जबकि ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट का मूल प्रश्न विचाराधीन है। याचिका में 1174 पदों पर होने वाली भर्ती में ईडब्ल्यूएस पुरुष अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित 40 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा को चुनौती दी गई है, जबकि एससी, एसटी और ओबीसी के लिए यह 45 वर्ष है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर है।
जबलपुर हाई कोर्ट ने एमआर-फोर से लगी लक्ष्मीपुर बस्ती से 200-250 परिवारों को हटाने के मामले में अपना आदेश सुरक्षित कर लिया है। कोर्ट ने नगर निगम, जबलपुर विकास प्राधिकरण, केसरवानी शिक्षा समिति और बस्ती के रहवासियों का पक्ष सुना। हस्तक्षेपकर्ताओं ने बताया कि 1990 में लगभग आठ हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ था और 1998 में कई परिवारों को 28 वर्ष की पट्टेदारी दी गई थी। रहवासियों का तर्क है कि बिना सुनवाई, पुनर्वास और मुआवजे के उन्हें नहीं हटाया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में 2017 के ट्रेन हादसे में मृतक के माता-पिता को आठ लाख रुपये का मुआवजा बहाल कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मृत यात्री से टिकट बरामद न होने मात्र से मुआवजे का दावा समाप्त नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसने मुआवजे को खारिज कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि पिता के शपथ पर दिए बयान और एक महीने से अधिक समय तक अस्पताल में इलाज जैसे तथ्यों से यात्री के वास्तविक होने की पुष्टि होती है। यह राशि मृतक के माता-पिता को 30 दिनों के भीतर दी जाए।
भोपाल के त्विषा शर्मा डेथ केस में आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत अर्जी पर सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई टल गई। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ के समक्ष प्रकरण का नंबर नहीं आ पाने के कारण यह सुनवाई स्थगित हुई। अब 12 अगस्त को सुनवाई होने की संभावना है। गिरिबाला सिंह ने भोपाल की ट्रायल कोर्ट द्वारा 25 जुलाई को जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद हाई कोर्ट का रुख किया है। मृतका त्विषा शर्मा के पिता ने भी आरोपी की जमानत का विरोध करते हुए आपत्ति आवेदन पेश किया है, जिस पर जमानत अर्जी के साथ सुनवाई होगी।
त्विषा शर्मा मामले में आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ की मंगलवार को कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई हुई, जिसमें सीबीआई ने अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं की। कोर्ट ने अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की है, जब सीबीआई अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। इसी बीच, पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर सुनवाई सोमवार को हाई कोर्ट में नहीं हो सकी और अब इसके 12 अगस्त को होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने लापता युवक की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस को आवश्यक जानकारी जानबूझकर छिपाना आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आ सकता है। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की पीठ ने यह टिप्पणी 11 अगस्त 2026 को राधा प्रजापति की याचिका पर की। राज्य सरकार ने बताया कि प्रतिवादी, युवक का दादा, सहयोग नहीं कर रहा है, जबकि प्रतिवादी ने तथ्यों को छिपाने और वैवाहिक विवाद का दावा किया। पुलिस ने युवक को तीन दिन में बरामद कर कोर्ट में पेश करने की उम्मीद जताई है। अगली सुनवाई 14 अगस्त 2026 को होगी।
हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारी महेंद्र सिंह ठाकुर के जाति प्रमाण-पत्र की वैधता से संबंधित 21 साल पुराने एकलपीठ के आदेश को निरस्त कर दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने कहा कि जब कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुका है और विभागीय जांच में उसका प्रमाण-पत्र वैध पाया गया है, तो इतने लंबे अंतराल के बाद हाई पावर कमेटी से जांच कराने का कोई उपयोगी उद्देश्य नहीं है। कोर्ट ने 2005 और 2008 के संबंधित आदेशों को रद्द कर दिया।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल को धर्म परिवर्तन मामले में नामजद पूर्व टीसीएस कर्मचारी निदा खान को कथित तौर पर पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अदालत के कई समन के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर गुरुवार शाम उन्हें हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए नासिक भेजा गया। प्रशासन ने उनके घर और कार्यालय पर बुलडोजर की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इस मामले में पहले ही कई एफआईआर दर्ज हैं और टीसीएस ने संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अब 12 अगस्त को सुनवाई होगी। पूर्व में पांच और छह अगस्त को सुनवाई नहीं हो सकी थी। इस सुनवाई से शुक्रवार की नमाज की व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी, जिसके लिए प्रशासन को 14 अगस्त को होने वाली नमाज के मद्देनजर तैयारी रखनी होगी। सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था के तहत पिछले दो शुक्रवार को भोजशाला के पीछे खसरा नंबर 612 पर नमाज शांतिपूर्वक हो चुकी है। न्यायालय का निर्देश तय करेगा कि यह व्यवस्था जारी रहेगी या नई व्यवस्था बनेगी, जिस पर मंदिर और मस्जिद पक्ष अपना अगला कदम उठाएंगे।