इंदौर के 37 वर्षीय जितेंद्र कुमार की दोनों किडनी पेनकिलर के सेवन से खराब हो गईं, जिसके बाद वे पिछले चार साल से डायलिसिस पर हैं। शारीरिक कमजोरी के कारण नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। रेडक्रॉस से ₹20,000 की सहायता से उन्होंने फल का ठेला खरीदा, लेकिन बीमारी के चलते डेढ़ महीने अस्पताल में रहे। बाद में महाकाल संस्था के जय्यु जोशी और करीम खान ने ₹10,000 की मदद की, जिससे जितेंद्र ने फिर से फल का ठेला लगाना शुरू किया। वे परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
इंदौर में बारिश और नमी के कारण बैक्टीरिया तथा वायरस संक्रमण तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे किडनी संक्रमण के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में प्रतिदिन 40-50 मरीज किडनी संबंधी समस्याओं के लिए आ रहे हैं। दूषित पानी, उल्टी-दस्त और बिना डॉक्टरी सलाह के दवाओं का सेवन इस समस्या को बढ़ा रहा है। विशेषज्ञ स्वच्छ पानी पीने, बाहर का खाना टालने और लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दे रहे हैं ताकि संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सके।