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अटल प्रोग्रेस-वे एलाइनमेंट बदलने की मांग को लेकर प्रदर्शन, कैलारस-सबलगढ़ में 500-600 लोगों की गिरफ्तारी

मध्य प्रदेश किसान सभा, संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियन मंच ने सोमवार को मुरैना, कैलारस और सबलगढ़ में अटल प्रोग्रेस-वे का एलाइनमेंट बदलने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए। कैलारस और सबलगढ़ में पुलिस ने 500 से 600 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी दर्ज की, हालांकि उन्हें बिना मुचलके रिहा कर दिया गया। मुरैना में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, जहां कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने चंबल के बीहड़ों की जमीन उद्योग विभाग को आवंटित करने की कार्रवाई रद्द करने और शक्कर कारखाना चलाने की भी मांग की। आगामी सितंबर में जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह करने का संकल्प लिया गया।

मंदसौर में खरीफ 2025 फसल बीमा राशि को लेकर किसानों में असंतोष

मंदसौर जिले में खरीफ सीजन 2025 के फसल बीमा मुआवजे को लेकर किसानों में गहरा असंतोष है। अविवृष्टि और बीमारी से फसलों को नुकसान होने के बावजूद किसानों को उचित बीमा राशि नहीं मिली है, जिससे मल्हारगढ़ और भानपुरा सहित कई क्षेत्रों में प्रदर्शन हुए। किसानों ने मुआवजे में विसंगति का आरोप लगाया, जहां कुछ को हजारों रुपए मिले तो कुछ को नाममात्र की राशि। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 1.38 लाख से अधिक किसानों को 22.66 करोड़ रुपये का क्लेम मिला, लेकिन किसानों का दावा है कि सोयाबीन में शत-प्रतिशत नुकसान हुआ था।

कावेरी जल विवाद: तमिलनाडु के किसान नेता ने कर्नाटक से एक लाख करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की

कावेरी नदी के पानी को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच विवाद जारी है। तमिलनाडु के किसान संगठन के नेता अय्या कन्नू ने सोमवार को कर्नाटक से पानी छोड़ने और किसानों के लिए एक लाख करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक में पर्याप्त पानी होने के बावजूद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पानी छोड़ने से इनकार कर दिया। वहीं, तमिलनाडु सरकार ने अपने हिस्से के पानी के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की बात कही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि राज्य सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहा है, लेकिन वे राज्य के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

भोपाल किसान आंदोलन: एसीपी मोनिका शुक्ला बस के सामने ढाल बनकर खड़ी हुईं, टला बड़ा हादसा

भोपाल में किसान आंदोलन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति उस समय उत्पन्न हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर पुलिस बस चलाने का प्रयास किया। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस मोनिका शुक्ला ने तुरंत बस के सामने खड़े होकर स्थिति को संभाला और संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शुक्ला ने बताया कि उन्होंने यह फैसला मौके की परिस्थितियों को देखते हुए लिया। उन्होंने पहले भी काजी कैंप में ऐसी ही चुनौतीपूर्ण स्थिति को नियंत्रित किया था, जिससे मध्य प्रदेश पुलिस में उनकी पहचान एक साहसी अधिकारी के रूप में स्थापित हुई है।

भोपाल में किसान आंदोलन के कारण कई निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित

भोपाल में 29 जुलाई 2026 को किसान आंदोलन के कारण कई निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया। प्रशासन ने यातायात व्यवधान की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया। अभिभावकों को सुबह 5 बजे से संदेश भेजे गए, हालांकि कुछ बच्चों को स्कूल से लौटना पड़ा। इससे एक दिन पहले, मंगलवार को मूंग की खरीद और खाद वितरण में सुधार की मांग को लेकर दो हजार किसानों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास किया था। पुलिस ने उन्हें रोका, जिसके बाद नर्मदापुरम रोड सहित कई मार्गों पर भीषण जाम लग गया। हरदा में भी किसानों को भोपाल कूच करने से पहले नजरबंद किया गया।

भोपाल में किसान आंदोलन से 6 घंटे यातायात बाधित: बैरिकेड्स टूटे, 150 कॉलोनियां प्रभावित

भोपाल में मंगलवार को मूंग की सरकारी खरीद और खाद वितरण में सुधार की मांग को लेकर करीब दो हजार किसानों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा उन्हें आरआरएल तिराहा पर रोके जाने के बाद शहर में छह घंटे तक भीषण यातायात जाम रहा। दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक होशंगाबाद रोड सहित प्रमुख मार्गों पर लोग फंसे रहे, जिससे लगभग 150 कॉलोनियों के रहवासी प्रभावित हुए। पुलिस की पूर्व जानकारी के बावजूद बैरिकेड्स टूट गए और आनन-फानन में किए गए डायवर्जन से मुसीबतें और बढ़ गईं, जिससे कटारा हिल्स रोड पर पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। नागरिकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर आक्रोश व्यक्त किया।

बिजली कटौती से परेशान शिवपुरी के ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री की सांकेतिक शव यात्रा निकाली

शिवपुरी के सिरसौद ग्राम पंचायत में 29 जुलाई को ग्रामीणों ने अघोषित बिजली कटौती के विरोध में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की सांकेतिक शव यात्रा निकाली। ग्रामीणों ने मुख्य बस स्टैंड पर अर्थी का अंतिम संस्कार कर इसे अपनी ‘उम्मीदों का अंतिम संस्कार’ बताया। उनका आरोप है कि कई ज्ञापन सौंपने और निवेदन करने के बावजूद बिजली संकट का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे फसलें सूख रही हैं और रातें काली हो रही हैं। सरपंच ने घटना की पुष्टि की, जबकि पुलिस ने कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मूंग खरीदी और खाद की मांग: दो हजार किसान बैरिकेड तोड़ भोपाल में दाखिल, मुख्यमंत्री आवास कूच पर अड़े

मध्य प्रदेश में मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले ‘किसान क्रांति पैदल यात्रा’ मंगलवार को भोपाल पहुंची। करीब दो हजार किसान पुलिस की नाकाबंदी तोड़ते हुए शहर में दाखिल हो गए और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का लक्ष्य रखा। पुलिस ने उन्हें बागसेवनिया के आरआरएल तिराहे पर रोका है, जहां प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत जारी है। किसान सात दिन के राशन के साथ लंबी लड़ाई की तैयारी में हैं और मांगें पूरी न होने तक वापस न लौटने पर अड़े हैं। इस प्रदर्शन से भोपाल की यातायात व्यवस्था चरमरा गई और हजारों लोग प्रभावित हुए।

केन-बेतवा लिंक परियोजना: पुनर्वास और मुआवजे को लेकर छतरपुर-पन्ना में विरोध जारी

केन-बेतवा लिंक परियोजना का मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिलों में प्रभावित परिवारों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। इन परिवारों का आरोप है कि पुनर्वास, मुआवजा और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में खामियां हैं। राज्य सरकार का दावा है कि विरोध सीमित है और प्रभावितों को नियमों के तहत आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह परियोजना बुंदेलखंड के सूखाग्रस्त क्षेत्रों को सिंचाई और पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 44,605 करोड़ रुपये है। परियोजना से 10.