बालाघाट जिले के खैरलांजी वन परिक्षेत्र के पांढरवानी गांव में बाघ के हमले से 50 वर्षीय किसान देवकराम बाघमारे की मौत हो गई। रविवार दोपहर मवेशी चराने जंगल गए देवकराम का शव सोमवार सुबह खून से लथपथ अवस्था में एक मृत गाय और बछड़े के पास मिला। घटनास्थल पर बाघ के पंजों के निशान मिले हैं, जिससे हमले की पुष्टि हुई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत है। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने उचित मुआवजे की मांग की है।
अखिल भारतीय किसान सभा ने किसान श्रमिकों की मांगों को लेकर 10 अगस्त को देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ का आह्वान किया है। मुरैना, कैलारस और सबलगढ़ में किसान गिरफ्तारी देंगे। यह आंदोलन अटल प्रोग्रेस वे के एलाइनमेंट में बदलाव, चंबल के बीहड़ों की जमीन उद्योग विभाग को आवंटित करने और बंद पड़े शक्कर कारखाने को पूरी तरह से समाप्त करने के विरोध में किया जा रहा है। किसान नेता बादल सरोज आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। किसान इन मुद्दों पर अपनी मांगें उठा रहे हैं।
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक भारतीय किसान दीपांकर गोप को कथित तौर पर बांग्लादेश ले जाने के बाद तनाव बढ़ गया है। बांग्लादेश ने दीपांकर की रिहाई के लिए भारत में पकड़े गए अपने एक नागरिक, तमीज उद्दीन, की रिहाई की शर्त रखी है। बीएसएफ और बीजीबी के बीच हुई फ्लैग बैठक के बावजूद दीपांकर की वापसी नहीं हो सकी है, जिससे यह मामला और पेचीदा हो गया है। दीपांकर बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले की पुलिस हिरासत में हैं, और उनके पिता ने भी इस शर्त का आरोप लगाया है।
सीहोर जिले के किसानों ने बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर सोमवार को अनूठा प्रदर्शन किया। छोटी कुलांस में किसानों ने उफनती कुलांस नदी किनारे और पानी में डूबे खेतों में पेड़ों पर बिजली कंपनी के अधिकारियों के पुतले और बैनर टांगकर विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि झूलते तारों और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की लंबित मांग के बावजूद उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ है। ढाबला, रामाखेड़ी सहित कई गांवों के किसानों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए यह प्रतीकात्मक विरोध किया, क्योंकि कुलांस नदी भोपाल के बड़े तालाब में मिलती है।
ग्वालियर अंचल में रविवार को वर्षा दर्ज नहीं की गई, हालांकि रात में 4.5 मिमी वर्षा हुई। दिन का तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून ट्रफ ग्वालियर-चंबल के ऊपर से गुजर रही है और पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इन प्रणालियों के कारण सोमवार को भारी वर्षा तथा आगामी चार दिनों तक हल्की से तेज वर्षा की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। पिछले दो दिनों से कम वर्षा के कारण तापमान बढ़ रहा है, जबकि धान की रोपाई अंतिम दौर में है।
मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्ती ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जहां 55 में से 48 जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज हुई है। कई जिलों में वर्षा औसत से 46 फीसदी तक नीचे है, जिससे जलाशयों और खरीफ फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसतन 23 फीसदी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 फीसदी कम बारिश हुई है। धान, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलें प्रभावित हैं, खेतों में दरारें पड़ रही हैं और रोग बढ़ रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों ने उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई है। किसानों ने सर्वे और तकनीकी सलाह की मांग की है।
गुना के राघौगढ़ क्षेत्र में सार्वजनिक बदनामी से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद 45 वर्षीय किसान अजोड़ सिंह बंजारा ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। डेढ़ माह पहले उन्हें जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया गया था, जिसका वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो देखने के बाद किसान गहरे अवसाद में चले गए थे। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसमें वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच भी शामिल है।
शिवपुरी के पिछोर अंचल में दो दिनों की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। महुअर नदी में उफान आने से गुरुकुदवाया सहित लगभग एक दर्जन गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सैकड़ों एकड़ खरीफ की फसल पानी में डूब गई है, जिससे किसानों को 50% से अधिक नुकसान की आशंका है। निचले इलाकों में घरों और स्कूल में भी पानी भर गया। जिले में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। प्रशासन ने नुकसान के सर्वे के लिए राजस्व दल गठित किए हैं।
मध्य प्रदेश में मानसून की धीमी रफ्तार के कारण खरीफ फसलों पर संकट गहरा गया है। 5 अगस्त तक राज्य में सामान्य से 19% कम बारिश दर्ज की गई है, जहां औसतन 16.27 इंच वर्षा हुई है। इस कमी से धान, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों का उत्पादन प्रभावित होने की गंभीर आशंका है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 22% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15% कम बारिश हुई है। खेतों में धान की क्यारियां सूखने लगी हैं, जिससे किसान ट्यूबवेल का सहारा ले रहे हैं। विशेषज्ञों ने ‘ड्राई स्पेल’ के कारण फसल उत्पादन में कमी की आशंका जताई है।
मध्य प्रदेश सरकार ने किसान आंदोलन के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन और स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथियां बढ़ा दी हैं। अब किसान 10 अगस्त तक मूंग उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे, जबकि मूंग और उड़द का उपार्जन 20 अगस्त तक चलेगा। कृषि विभाग द्वारा लागू की गई इस संशोधित व्यवस्था के तहत, किसानों को आधार कार्ड और मोबाइल नंबर सहित अपना पूरा ब्योरा दर्ज करना होगा। मूंग का उपार्जन कृषकों के उत्पादन का 60 प्रतिशत तक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, समर्थन मूल्य पर उड़द बेचने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 600 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, जिससे उन्हें आर्थिक मदद और उपार्जन में देरी से राहत मिलेगी।