मध्य प्रदेश में मानसून का ब्रेक टूटने के बाद अधिकांश जिलों में वर्षा दर्ज की गई, जिसमें सीधी की मझौली तहसील में सर्वाधिक 124.4 मिमी वर्षा हुई। अगले 48 घंटे तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है, जिससे तापमान में चार डिग्री तक की गिरावट आई है और किसानों में खुशी है। विभिन्न जिलों में अलग-अलग मात्रा में वर्षा रिकॉर्ड की गई, वहीं भोपाल में 39 मिमी वर्षा हुई। इसके अतिरिक्त, भोपाल में 900 परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, जिनकी शिकायतों पर जांच कमेटी बनेगी।
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे प्रमुख रहे। सदन में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह माह में कुल पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या में कमी आई है, लेकिन स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षित बेरोजगारों की संख्या में 1.12 लाख की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दिसंबर 2025 में यह संख्या 6.17 लाख थी जो जून 2026 तक बढ़कर 7.29 लाख हो गई। रीवा में सर्वाधिक जबकि पांढुर्ना में सबसे कम बेरोजगार पंजीकृत हैं। कांग्रेस ने खाद-बीज की उपलब्धता और अल्पवर्षा को लेकर सरकार को घेरा, जिस पर मंत्रियों ने पर्याप्त भंडारण और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विधानसभा में प्रस्तुत समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का विरोध किया। उन्होंने इसे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए यूसीसी का मुद्दा उठा रही है। पटवारी ने जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता जनता के मुद्दे होने चाहिए। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का भी विरोध किया और प्रदेश सरकार से बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था तथा निवेशक सम्मेलनों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।