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इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड सड़क: किसानों को छह माह से नहीं मिला मुआवजा

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड सड़क परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले किसान छह माह से मुआवजे की राशि का इंतजार कर रहे हैं। ग्राम जमूड़ी सरवर सहित कई गांवों के किसानों के मुआवजा प्रकरण स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन राशि उनके खातों में नहीं पहुंची है। मुआवजा न मिलने से किसानों को खरीदी गई नई जमीन का बयाना डूबने का संकट और ब्याज का बोझ उठाना पड़ रहा है। अधिकारियों ने प्रकरणों के सत्यापन और कोष से राशि जारी होने की प्रक्रिया जारी होने की बात कहते हुए जल्द भुगतान का आश्वासन दिया है। यह सड़क 48 किमी लंबी है और 917 किसानों की 242.939 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है।

ग्वालियर में संतुलित वर्षा से खरीफ फसल उत्पादन की प्रबल संभावना

ग्वालियर जिले में मानसून की धीमी शुरुआत के बावजूद, अगस्त और सितंबर की शुरुआती वर्षा ने कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, संतुलित और समयबद्ध वर्षा से खरीफ सीजन में अच्छे उत्पादन की प्रबल संभावना है। धान, बाजरा, ज्वार, तिल, अरहर और मूंग जैसी फसलों को विशेष लाभ हुआ है। पर्याप्त नमी से पौधों की वृद्धि बेहतर हुई है और कीट-रोगों का प्रकोप कम हुआ है, जिससे किसानों की लागत घटेगी। यह वर्षा आगामी रबी सीजन के लिए भी अनुकूल नमी प्रदान करेगी, जिससे किसानों को दोहरा फायदा मिलेगा।

इंदौर जिले में कम वर्षा: सूखे तालाब-चेकडैम, नलकूपों ने भी छोड़ा साथ

इंदौर जिले में कम बारिश के कारण खेतों में जल संकट गहरा गया है। सितंबर माह समाप्त होने को है, लेकिन कई गांवों में तालाब और चेकडैम खाली हैं, और नलकूप भी साथ छोड़ रहे हैं। इससे लहसुन और आलू की बोवनी प्रभावित हो रही है, तथा अक्टूबर में गेहूं और चने की बोवनी को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विभाग कम पानी वाली फसलों के प्रचार-प्रसार के लिए गांवों का दौरा कर रहा है।

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में आंधी-बारिश का दौर; 12 जिलों में अलर्ट

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में साइक्लोनिक सकुर्लेशन और ट्रफ के सक्रिय होने से आंधी-बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटे में 10 से अधिक जिलों में वर्षा हुई है, जबकि गुरुवार को जबलपुर, रीवा-शहडोल संभाग के 12 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 9 अक्टूबर को भी पन्ना, सतना, रीवा सहित कई जिलों में बारिश होगी, जिसके बाद सिस्टम कमजोर होगा और मौसम साफ होने का अनुमान है। मानसून 3 अक्टूबर को लौट चुका है, लेकिन सिस्टम सक्रिय होने से यह बारिश हो रही है। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

बालाघाट: खैरलांजी के जंगल में बाघ के हमले से किसान की मौत, दो मवेशी भी शिकार बने

बालाघाट जिले के खैरलांजी वन परिक्षेत्र के पांढरवानी गांव में बाघ के हमले से 50 वर्षीय किसान देवकराम बाघमारे की मौत हो गई। रविवार दोपहर मवेशी चराने जंगल गए देवकराम का शव सोमवार सुबह खून से लथपथ अवस्था में एक मृत गाय और बछड़े के पास मिला। घटनास्थल पर बाघ के पंजों के निशान मिले हैं, जिससे हमले की पुष्टि हुई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत है। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने उचित मुआवजे की मांग की है।

अटल प्रोग्रेस वे एलाइनमेंट और बीहड़ जमीन आवंटन के विरोध में 10 अगस्त को ‘जेल भरो आंदोलन’

अखिल भारतीय किसान सभा ने किसान श्रमिकों की मांगों को लेकर 10 अगस्त को देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ का आह्वान किया है। मुरैना, कैलारस और सबलगढ़ में किसान गिरफ्तारी देंगे। यह आंदोलन अटल प्रोग्रेस वे के एलाइनमेंट में बदलाव, चंबल के बीहड़ों की जमीन उद्योग विभाग को आवंटित करने और बंद पड़े शक्कर कारखाने को पूरी तरह से समाप्त करने के विरोध में किया जा रहा है। किसान नेता बादल सरोज आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। किसान इन मुद्दों पर अपनी मांगें उठा रहे हैं।

भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव: भारतीय किसान की रिहाई के लिए बांग्लादेशी नागरिक की रिहाई की शर्त

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक भारतीय किसान दीपांकर गोप को कथित तौर पर बांग्लादेश ले जाने के बाद तनाव बढ़ गया है। बांग्लादेश ने दीपांकर की रिहाई के लिए भारत में पकड़े गए अपने एक नागरिक, तमीज उद्दीन, की रिहाई की शर्त रखी है। बीएसएफ और बीजीबी के बीच हुई फ्लैग बैठक के बावजूद दीपांकर की वापसी नहीं हो सकी है, जिससे यह मामला और पेचीदा हो गया है। दीपांकर बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले की पुलिस हिरासत में हैं, और उनके पिता ने भी इस शर्त का आरोप लगाया है।

सीहोर के किसानों ने बिजली समस्याओं पर पेड़ों पर टांगे अफसरों के पुतले

सीहोर जिले के किसानों ने बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर सोमवार को अनूठा प्रदर्शन किया। छोटी कुलांस में किसानों ने उफनती कुलांस नदी किनारे और पानी में डूबे खेतों में पेड़ों पर बिजली कंपनी के अधिकारियों के पुतले और बैनर टांगकर विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि झूलते तारों और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की लंबित मांग के बावजूद उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ है। ढाबला, रामाखेड़ी सहित कई गांवों के किसानों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए यह प्रतीकात्मक विरोध किया, क्योंकि कुलांस नदी भोपाल के बड़े तालाब में मिलती है।

ग्वालियर में मानसून ट्रफ सक्रिय, चार दिन भारी वर्षा के आसार

ग्वालियर अंचल में रविवार को वर्षा दर्ज नहीं की गई, हालांकि रात में 4.5 मिमी वर्षा हुई। दिन का तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून ट्रफ ग्वालियर-चंबल के ऊपर से गुजर रही है और पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इन प्रणालियों के कारण सोमवार को भारी वर्षा तथा आगामी चार दिनों तक हल्की से तेज वर्षा की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। पिछले दो दिनों से कम वर्षा के कारण तापमान बढ़ रहा है, जबकि धान की रोपाई अंतिम दौर में है।

मध्य प्रदेश के 48 जिलों में मानसून की कमी से खेती पर संकट

मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्ती ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जहां 55 में से 48 जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज हुई है। कई जिलों में वर्षा औसत से 46 फीसदी तक नीचे है, जिससे जलाशयों और खरीफ फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसतन 23 फीसदी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 फीसदी कम बारिश हुई है। धान, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलें प्रभावित हैं, खेतों में दरारें पड़ रही हैं और रोग बढ़ रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों ने उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई है। किसानों ने सर्वे और तकनीकी सलाह की मांग की है।