अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में सोने ने दो माह का उच्च स्तर छू लिया है, जिसके बाद यह 4400 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया। कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें जल्द बढ़ाने की उम्मीद घटने से सोने की मांग बढ़ी है। चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा गोल्ड होल्डिंग बढ़ाने और अमेरिका-ईरान तनाव भी इसके कारण हैं। इंदौर में सोना केडबरी 300 रुपये बढ़कर 147800 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी चौरसा 1100 रुपये बढ़कर 231500 रुपये प्रति किलो हो गई है। स्थानीय बाजार में ग्राहकी सीमित है, लेकिन राखी से पहले मांग बढ़ने की उम्मीद है।
इंदौर में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। सोना केडबरी 500 रुपये बढ़कर 146000 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी चौरसा 5300 रुपये बढ़कर 230300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। यह वृद्धि अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और कमजोर अमेरिकी डॉलर के कारण हुई है, जिससे निवेशकों का रुझान बुलियन मार्केट की ओर बढ़ा है। भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेजी देखी गई है। ज्वेलर्स ने राखी पूर्व की छुटपुट मांग और वैश्विक अनिश्चितता को भी कीमतों में वृद्धि का कारण बताया।
जून 2026 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड 51 टन सोना खरीदा, जो इस साल की सबसे बड़ी मासिक खरीद है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, घटी कीमतों का लाभ उठाने के लिए यह खरीदारी की गई। पोलैंड 19 टन के साथ सबसे बड़ा खरीदार रहा, जबकि चीन ने भी 15 टन सोना खरीदा। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में सोना सात सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके प्रभाव से इंदौर में सोना 2500 रुपये और चांदी 1000 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई। ज्वेलर्स भी बाजार में सक्रिय देखे गए।
इंदौर में मंगलवार को सोने के भाव में 200 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिससे सोना केडबरी 141600 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी चौरसा 200 रुपये बढ़कर 220700 रुपये प्रति किलो हो गई। अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में कारोबार अस्थिर बना हुआ है। कामेक्स पर सोना वायदा 3 डॉलर टूटकर 4055 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी वायदा 74 सेंट बढ़कर 58.93 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई। भारतीय बाजार में उपभोक्ता ग्राहकी सुस्त है। फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में बदलाव न करने के बाद सोने की खरीद-बिक्री सीमित दायरे में हो रही है।
इंदौर में चांदी के भाव में 300 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिससे चांदी चौरासा 220000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि सोना केडबरी 141850 रुपये प्रति दस ग्राम पर स्थिर रहा। अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और छोटे निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण सुस्ती देखी गई। निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव पर है, जिससे सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है। हालांकि, ऊंची ब्याज दरें मूल्य वृद्धि को सीमित कर रही हैं। भौतिक बाजार में चीन का सोने का आयात घटा, जबकि भारत का बाजार घरेलू कीमतों के कारण सुस्त रहा।