महाराष्ट्र में मानव-बाघ संघर्ष को कम करने के लिए एक एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम लॉन्च किया गया है। यह प्रणाली जंगल में बाघों की लोकेशन का पता लगाकर उनकी निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वैश्विक बाघ दिवस पर नागपुर में इसका शुभारंभ किया। नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार द्वारा विकसित मार्बल एआई मॉडल चीतल और लंगूर जैसे वन्यजीवों की चेतावनी भरी आवाजों का विश्लेषण कर बाघ की सटीक स्थिति बताएगा। सफल होने पर इसे देश के अन्य बाघ क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय द्वारा विकसित शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के संगम पर एक नवाचार को भारत सरकार ने मान्यता दी है। डॉ. देव रस पाण्डेय के नेतृत्व में तैयार यह एआई आधारित डिवाइस विद्यार्थियों की सीखने की गति, रुचि और कमजोरियों का विश्लेषण कर उनकी आवश्यकता के अनुरूप अध्ययन सामग्री व मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।